होम गार्ड स्वयंसेवकों के लिए सम्मानजनक सेवानिवृत्ति व सामाजिक सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदेशाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
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चम्बा 04 अगस्त मुकेश कुमार (गोल्डी)
हिमाचल प्रदेश के होम गार्ड स्वयंसेवकों के लिए सम्मानजनक सेवानिवृत्ति एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लागू करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में होम गार्ड वेलफेयर एसोसिएशन, हिमाचल प्रदेश ने बीते कल मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सुखविंदर सिंह सुक्खू को एक ज्ञापन सौंपकर स्वयंसेवकों की वर्षों की सेवाओं के बाद उनकी आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।ज्ञापन में बताया गया है कि प्रदेश के होम गार्ड स्वयंसेवक पिछले कई दशकों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आपदा प्रबंधन, चुनावी ड्यूटी, यातायात नियंत्रण तथा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में राज्य सरकार के विश्वसनीय सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद, सेवा समाप्ति के बाद अधिकांश स्वयंसेवकों को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता या सामाजिक सुरक्षा नहीं मिलती, जिससे उन्हें कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।एसोसिएशन के अनुसार, वर्तमान में सेवानिवृत्त होम गार्ड स्वयंसेवकों को न तो एकमुश्त सेवानिवृत्ति सम्मान राशि दी जाती है, न ही मासिक पेंशन या समुचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस स्थिति को देखते हुए संगठन ने सरकार से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, दीर्घकालीन सेवा पूरी करने वाले प्रत्येक स्वयंसेवक को एकमुश्त सेवानिवृत्ति सम्मान राशि प्रदान की जाए। दूसरी, सेवानिवृत्त स्वयंसेवकों के लिए मासिक पेंशन अथवा सामाजिक सुरक्षा सहायता योजना लागू की जाए। तीसरी, चरणबद्ध तरीके से स्वास्थ्य सुरक्षा, समूह बीमा और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ उपलब्ध कराए जाएं।एसोसिएशन के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह चौड़िया ने आशा व्यक्त की है कि राज्य सरकार स्वयंसेवकों के योगदान को ध्यान में रखते हुए इस मानवीय मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल स्वयंसेवकों के सम्मान को बढ़ाएगा, बल्कि उनके भविष्य को भी सुरक्षित करेगा।