ऑनलाइन एजेंटों की ठगी से हिमाचल पर्यटन को नुकसान, डलहौजी में सामने आया गंभीर मामला

डलहौजी/चम्बा 30 दिसम्बर मुकेश कुमार (गोल्डी)
हिमाचल प्रदेश का पर्यटन बीते कुछ समय से लगातार चुनौतियों का सामना कर रहा है, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था और छवि दोनों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन हाल के दिनों में एक बड़ा कारण ऑनलाइन ट्रैवल एजेंटों और बाहरी दलालों द्वारा की जा रही कथित ठगी के रूप में सामने आ रहा है।अक्सर देखने में आ रहा है कि सैलानी ऑनलाइन एजेंटों के झांसे में आकर होटल बुकिंग कर लेते हैं, जहां उन्हें सामान्य होटलों को स्टार ग्रेड होटल बताकर महंगे पैकेज बेचे जाते हैं। जब सैलानी मौके पर पहुंचते हैं तो वास्तविक स्थिति बिल्कुल अलग होती है, जिससे वे खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं। कई बार इस वजह से होटल प्रबंधन और सैलानियों के बीच तनाव की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है।ऐसा ही एक मामला प्रसिद्ध पर्यटन नगरी डलहौजी में सामने आया है।

मुंबई से घूमने आए सैलानियों ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उन्होंने एक ऑनलाइन एजेंट के माध्यम से डलहौजी घूमने का प्रस्ताव रखा था। एजेंट ने दो दिनों के लिए 4-स्टार होटल कैटेगरी में बुकिंग कर दी और इसके बदले उनसे करीब 20 हजार रुपये एडवांस ले लिए। लेकिन जब सैलानी डलहौजी पहुंचे तो उन्हें बताया गया होटल, उसकी तस्वीरें और लोकेशन हकीकत से बिल्कुल विपरीत निकली।हालांकि संबंधित निजी होटल प्रबंधन ने स्थिति को संभालते हुए सैलानियों को अपने होटल का भ्रमण करवाया और बाद में धर्मशाला में उनके ठहरने व खाने-पीने की भी बेहतर व्यवस्था करवाई। इसके बावजूद सैलानियों का कहना है कि वे एजेंट द्वारा की गई गलत जानकारी के कारण मानसिक रूप से परेशान हुए।

इस संबंध में जिला पर्यटन अधिकारी राजीव मिश्रा ने बताया कि यह मामला प्रथम दृष्टया ठगी का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी सैलानी के साथ ऐसी घटना होती है तो वह पुलिस या जिला पर्यटन विभाग से संपर्क कर सकता है। उन्होंने हिमाचल आने वाले सभी सैलानियों से अपील की कि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी और दलालों से सावधान रहें, अधिकृत माध्यमों से ही बुकिंग करें और दूसरों को भी जागरूक करें, ताकि प्रदेश पर्यटन की छवि को नुकसान न पहुंचे।