भारतीय आर्थिक संघ और राजकीय महाविद्यालय बनीखेत के संयुक्त सम्मेलन का सफल समापन

भारतीय आर्थिक संघ और राजकीय महाविद्यालय बनीखेत के संयुक्त सम्मेलन का सफल समापन

डलहौजी/चंबा 18 मार्च मुकेश कुमार (गोल्डी)

भारतीय आर्थिक संघ और राजकीय महाविद्यालय बनीखेत के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन के दूसरे दिन का आयोजन भी ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा। इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में चिरंजीत उपस्थित रहे, जिन्होंने भारतीय आर्थिक सतत् विकास के सन्दर्भ में अपने अनुभव और ज्ञान को साझा कर शोधार्थियों और विद्यार्थियों को लाभान्वित किया।सम्मेलन के दूसरे दिन मंगलवार भी विभिन्न कॉलेजों से आए हुए प्राचार्यों, आचार्यों और शोधार्थियों ने भारतीय आर्थिक सतत् विकास से संबंधित विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने आर्थिक नीतियों, सतत् विकास, आर्थिक सुधारों और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका पर गहन चर्चा की।

चिरंजीत ने अपने संबोधन में कहा, “आज के वैश्विक परिदृश्य में भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति को समझना और सतत् विकास की दिशा में कार्य करना आवश्यक है। शोधार्थियों और विद्यार्थियों को चाहिए कि वे आर्थिक नीतियों की गहरी समझ विकसित करें और इस क्षेत्र में नए शोध करें, ताकि भारत आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बन सके।”सम्मेलन में विभिन्न कॉलेजों से आए विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उनकी सक्रिय भागीदारी और उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह देकर प्रोत्साहित किया।सम्मेलन में भाग लेने वाले एक शोधार्थी ने कहा, “यह सम्मेलन हमारे लिए एक अद्वितीय अनुभव रहा।

हमें अर्थशास्त्र के विभिन्न पहलुओं को समझने और विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिला।”सम्मेलन के समापन अवसर पर डॉ. मनोज कुमार ने सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन से न केवल विद्यार्थियों को लाभ हुआ, बल्कि अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नवीन शोध कार्यों को भी बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने आगे कहा, “ऐसे आयोजनों से शिक्षण और शोध कार्यों को नई दिशा मिलती है। प्रतिभागियों को इस सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं देता हूं और आशा करता हूं कि भविष्य में भी ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इस सम्मेलन ने भारतीय आर्थिक सतत् विकास के संदर्भ में शोधार्थियों और विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण ज्ञान प्रदान किया। साथ ही, इसने आर्थिक नीतियों और विकास के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा का मंच प्रदान किया। आयोजकों और प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी के कारण यह सम्मेलन बेहद सफल रहा। भविष्य में ऐसे और भी आयोजनों की उम्मीद की जा रही है, जो शिक्षा और शोध के क्षेत्र में एक नया आयाम स्थापित करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!