ठियोग के मत्याना में विशाल विधिक साक्षरता शिविर, नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण व आपदा पुनर्वास पर जागरूकता

शिमला 21 दिसम्बर चम्बा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वाधान में उप मंडलीय विधिक सेवा प्राधिकरण ठियोग द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मत्याना में आज एक विशाल विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में नशा मुक्त समाज भारत का संकल्प, पर्यावरण संरक्षण व भूमंडल रक्षण तथा आपदा पीड़ितों के पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।एसडीएम ठियोग डॉ. शशांक गुप्ता ने नशे को समाज की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि नशा आज घर-घर तक पहुंच चुका है। उन्होंने एक उदाहरण साझा करते हुए कहा कि किस प्रकार नशे की लत के कारण परिवार टूट रहे हैं।

उन्होंने युवाओं को चेताया कि बीड़ी, सिगरेट और शराब से शुरू होने वाला नशा आगे चलकर सिंथेटिक ड्रग्स तक पहुंच जाता है। उन्होंने सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल’ अभियान, वाल्कथॉन और सूचना देने वालों के लिए इनाम योजना की जानकारी दी।डीएसपी सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि ठियोग क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों में 1 किलो 700 ग्राम चिट्टा जब्त किया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकतर युवा पहली डोज दोस्तों के कहने पर लेते हैं और बाद में नशे के आदी बन जाते हैं। उन्होंने नशे को बीमारी बताते हुए समय पर इलाज पर जोर दिया।अधिवक्ता केशव शर्मा ने कानूनी जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी दी।

अधिवक्ता वीरेंद्र कंवर ने पर्यावरण संरक्षण पर कहा कि संतुलित विकास ही समाज के लिए हितकारी है। अधिवक्ता राजेंद्र कश्यप ने आपदाओं के प्रकार और पुनर्वास में सरकार व जनता की भूमिका पर चर्चा की। वहीं अधिवक्ता वीरेंद्र डोगरा ने नशे को युवाओं के भविष्य के लिए घातक बताया।बार एसोसिएशन ठियोग के अध्यक्ष बी.एस. कश्यप ने सभी वक्ताओं का स्वागत किया, जबकि सीनियर सिविल जज ठियोग एवं अध्यक्ष उप मंडलीय विधिक सेवा प्राधिकरण कनिका गुप्ता ने शिविर की सफलता के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई गई तथा कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।