निरंकारी सत्संग भवन बनीखेत में आध्यात्मिक सत्संग का हुआ आयोजन, श्रद्धालु बहन सुनीता के प्रवचनों से हुए निहाल

डलहौजी/ चम्बा 18 मई, मुकेश कुमार ( गोल्डी)
आज रविवार को निरंकारी सत्संग भवन बनीखेत में एक आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें बहन सुनीता ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए भक्ति, सेवा और आत्मिक जागरूकता का संदेश दिया।अपने प्रवचनों में उन्होंने कहा कि सच्चे भक्त हर समय निरंकार प्रभु के अहसास में जीवन जीते हैं। जीवन की सफलता का मार्ग आत्मज्ञान और परमात्मा की उपस्थिति की अनुभूति से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा कि संतजन न केवल समाज कल्याण में योगदान देते हैं, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी मानवता का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
भक्ति का कोई निश्चित समय या स्थान नहीं होता, यह जीवन के हर क्षण में संभव है। जैसे फूल अपनी खुशबू स्वतः फैलाता है, वैसे ही सच्ची भक्ति भी बिना किसी दिखावे के आत्मिक रूप से अनुभव की जाती है।

बहन सुनीता ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति केवल बाहरी दिखावे के लिए सत्संग में जाता है, तो वह असल भक्ति से वंचित रहता है। जब मन, वचन और कर्म से आत्मा परमात्मा से जुड़ जाती है, तभी जीवन में प्रेम, सेवा और समर्पण का भाव उत्पन्न होता है।उन्होंने बताया कि प्रभु करुणा और प्रेम का स्रोत है, जो सब जगह समान रूप से विद्यमान है। भौतिक सुखों का उपयोग करते हुए भी हमें प्रभु का आभार व्यक्त करना चाहिए और उन्हें जीवन में सर्वोपरि स्थान देना चाहिए।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और सत्संग का लाभ उठाया।