हिमाचल में चुनाव प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी और प्रभावी: चुनाव आयोग के 18 नवाचारों पर हुआ कार्यान्वयन

चंबा, 26 मई मुकेश कुमार (गोल्डी)
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा देशभर में चुनाव प्रणाली को पारदर्शी, समावेशी और प्रभावी बनाने की दिशा में 18 नवाचारों को लागू किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश में इन पहलों का क्रियान्वयन प्रारंभ हो चुका है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नंदिता गुप्ता ने जानकारी दी कि आयोग की छह प्रमुख पहलें – मतदाता, राजनीतिक दल, प्रक्रियागत सुधार, कानूनी प्रावधान, चुनाव कार्मिक और प्रशासनिक सुधार – इस दिशा में मार्गदर्शक होंगी।जिला निर्वाचन अधिकारी मुकेश रेपसवाल ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण के लिए अब एक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाता ही होंगे। घनी बस्तियों और बहुमंजिला इमारतों में अतिरिक्त मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। मृत मतदाताओं का नाम हटाने हेतु ‘रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया’ के डेटाबेस का प्रयोग किया जाएगा।निर्वाचन सेवाओं को डिजिटल रूप से एकीकृत करने हेतु एक नया डैशबोर्ड लॉन्च किया जा रहा है। मतदाता, प्रत्याशी, चुनाव अधिकारी और राजनीतिक दलों समेत 28 प्रमुख हितधारकों के लिए प्रशिक्षण सामग्री तैयार की जा रही है। बीएलओ को मानक फोटो पहचान पत्र दिए जाएंगे।हिमाचल से 26-27 मई को नई दिल्ली में 3 जिला निर्वाचन अधिकारी, 12 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, 68 बीएलओ और युवा पर्यवेक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। शिमला में मीडिया नोडल अधिकारियों के लिए भी उन्मुखीकरण सत्र आयोजित किए गए हैं। इसके साथ ही ई-ऑफिस प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है और मतदाता सूचना पर्चियों को अधिक स्पष्ट रूप में जारी किया जाएगा।ये पहलें हिमाचल में चुनाव प्रक्रिया को और अधिक प्रभावशाली बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।