भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा शहरी सहकारी बैंकों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन

डलहौज़ी/चम्बा 19 जून मुकेश कुमार (गोल्डी)
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के शिमला क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा हिमाचल प्रदेश के शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) के निदेशक मंडल (बीओडी) और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के लिए डलहौज़ी में एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सहकारी बैंकों में शासन व्यवस्था को मजबूत करना, पर्यवेक्षी अनुपालन को बेहतर बनाना और सुदृढ़ बैंकिंग प्रथाओं को प्रोत्साहित करना रहा।कार्यक्रम का उद्घाटन आरबीआई शिमला के क्षेत्रीय निदेशक श्री अनुपम किशोर ने किया।

अपने मुख्य भाषण में उन्होंने यूसीबी द्वारा विशेष रूप से दूरदराज और वंचित क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाने में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने सहकारी बैंकों के माध्यम से स्थानीय समुदायों को वित्तीय सेवाओं तक पहुंच और सशक्तिकरण में दिए गए योगदान की सराहना की।हालांकि, उन्होंने राज्य में सहकारी बैंकों से जुड़ी धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई। श्री किशोर ने जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा और सार्वजनिक विश्वास को बनाए रखने के लिए मजबूत आंतरिक नियंत्रण प्रणाली, साइबर सुरक्षा ढांचे और सतर्क शासन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने यह भी कहा कि सहकारी बैंकों के नेतृत्व को बदलते नियामकीय परिवेश और तकनीकी जोखिमों की समझ के साथ सुसज्जित करना आवश्यक है।इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न यूसीबी के निदेशक मंडल और सीईओ ने भाग लिया। विशेषज्ञ सत्रों में शासन मानक, जोखिम आधारित पर्यवेक्षण, साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी जोखिम शमन और अनुपालन प्रबंधन जैसे विषयों पर चर्चा की गई। यह पहल आरबीआई द्वारा सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, सशक्त और समावेशी बनाने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।