भीड़ प्रबंधन कार्यशाला का समापन, आपदा प्रबंधन में व्यावहारिक प्रशिक्षण पर दिया जोर

चंबा, 25 जून मुकेश कुमार ( गोल्डी)
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय भीड़ प्रबंधन कार्यशाला के समापन सत्र की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिभागी विभागीय कर्मियों को आपदा के समय कुशल प्रबंधन के लिए अर्जित ज्ञान को व्यवहारिक रूप से लागू करने का आह्वान किया।इस कार्यशाला में भारतीय सेना से सेवानिवृत्त कर्नल वीएन सुपनेकर द्वारा विभिन्न विभागों के 65 कर्मियों को आपदा प्रबंधन, विशेष रूप से भीड़ नियंत्रण से संबंधित आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आपदा संभावित परिस्थितियों में त्वरित, सुरक्षित एवं समन्वित प्रतिक्रिया हेतु विभागीय कर्मियों को तैयार करना था।उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि जिला चंबा भौगोलिक दृष्टि से आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील क्षेत्र में आता है। ऐसे में इस प्रकार की कार्यशालाएं विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने तथा कर्मचारियों की दक्षता को बढ़ाने का माध्यम बनती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मानसून के दौरान आयोजित होने वाले दो प्रमुख आयोजन — अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला और श्री मणिमहेश यात्रा — के सफल आयोजन में आपदा प्रबंधन की विशेष भूमिका होती है।

उपायुक्त ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के समन्वयक को निर्देश दिए कि कार्यशाला के दौरान विभागीय कर्मियों द्वारा मिंजर मेले के लिए ऐतिहासिक चंबा चौगान में तैयार किए गए आपदा प्रबंधन मॉडल चार्ट का गहन विश्लेषण कर उसमें शामिल सुझावों को आपदा प्रबंधन योजना का हिस्सा बनाया जाए।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी विभागों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सुधार के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए और इस कार्यशाला में प्राप्त प्रशिक्षण और अनुभव को आगामी आयोजनों में पूर्ण रूप से लागू करना सुनिश्चित करें।

कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने कर्नल वीएन सुपनेकर को शाल, टोपी और चंबा की विशिष्ट धातु शिल्प ‘चंबा थाल’ भेंट कर सम्मानित किया। इस कार्यशाला में जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी और विभिन्न विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।