राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कुष्ठ रोग पर आशा कार्यकर्ताओं का एकदिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

चम्बा 17 जनवरी मुकेश कुमार (गोल्डी)
मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंबा के सौजन्य से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कुष्ठ रोग विषय पर आशा तथा आशा फेसिलिटेटर्स के लिए एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन GNM नर्सिंग हॉल में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कविता महाजन ने की। प्रशिक्षण का उद्देश्य कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना, समय पर पहचान और प्रभावी उपचार को सुनिश्चित करना रहा।इस अवसर पर डॉ. कविता महाजन ने कहा कि कुष्ठ रोग एक जीवाणु संक्रमण है, जिसका मल्टी ड्रग थेरेपी (MDT) के माध्यम से सफल इलाज संभव है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम (NLEP) जैसे प्रयासों से देश में रोग की दर में उल्लेखनीय कमी आई है, लेकिन इसके पूर्ण उन्मूलन के लिए जन-जागरूकता और समुदाय की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय पर उपचार से स्थायी विकलांगता को रोका जा सकता है।कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. वैभवी गुरुंग प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित रहीं।

उन्होंने बताया कि भारत ने राष्ट्रीय स्तर पर कुष्ठ रोग उन्मूलन का लक्ष्य हासिल कर लिया है, परंतु अभी भी कई जिलों में यह रोग मौजूद है। देश ने वर्ष 2027 तक कुष्ठ रोग को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने NLEP के तहत निःशुल्क MDT उपलब्ध कराने और सामुदायिक भागीदारी की भूमिका को रेखांकित किया।डॉ. गुरुंग ने कहा कि जागरूकता की कमी और गलत धारणाओं के कारण लोग आज भी इस बीमारी से भयभीत रहते हैं, जबकि यह पूरी तरह से इलाज योग्य है। उन्होंने कुष्ठ रोग के प्रमुख लक्षणों—त्वचा पर हल्के रंग के सुन्न धब्बे, हाथ-पैरों में संवेदना की कमी, कमजोरी तथा घावों का देर से भरना—की जानकारी देते हुए ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करने की अपील की।उन्होंने बताया कि “स्पर्श लेप्रोसी कैंपेन” 30 जनवरी से 14 फरवरी 2026 तक चलाया जाएगा, जिसके अंतर्गत संदिग्ध रोगियों की पहचान की जाएगी। साथ ही 30 जनवरी 2026 को सभी स्वास्थ्य खंडों में कुष्ठ रोग पर विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे।