चंबा में सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध राज्य स्तरीय एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू

चम्बा 28 फरवरी मुकेश कुमार(गोल्डी)
महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान का शुभारंभ सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा किया गया, जिसमें जिला चंबा के सभी संबंधित अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से अपनी उपस्थिति सुनिश्चित की।इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमित मेहरा भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध यह अभियान पूरे देश के साथ-साथ प्रदेश भर में शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) से होने वाले इस कैंसर को समय पर टीकाकरण के माध्यम से काफी हद तक रोका जा सकता है।कार्यक्रम में डॉ. जालम भारद्वाज, पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा के प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कविता महाजन, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हरित पुरी, डॉ. वैभवी गुरंग, डॉ. सोहेल और डॉ. सुरेश सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम भारद्वाज ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी तथा 15 वर्ष से कम आयु की किशोरियों के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, जिसका विधिवत शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के तहत पात्र किशोरियों को टीका लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान आयु सीमा में 15 वर्ष तथा अतिरिक्त 90 दिनों तक की छूट भी प्रदान की जाएगी।उन्होंने बताया कि गर्भाशय के निचले हिस्से (सर्विक्स) का कैंसर महिलाओं में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसका प्रमुख कारण एचपीवी संक्रमण है। यह प्रजनन तंत्र का सबसे सामान्य वायरल संक्रमण है। अधिकांश संक्रमण बिना लक्षण के स्वयं समाप्त हो जाते हैं, लेकिन लंबे समय तक रहने वाला संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का कारण बन सकता है।उन्होंने कहा कि एचपीवी टीका विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले वेरिएंट, खासकर एचपीवी 16 और 18 से होने वाले कैंसर से बचाव करता है, जो भारत में लगभग 83 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर मामलों के लिए जिम्मेदार हैं। अभियान के दौरान एएनएम, नर्स वैक्सीनेटर, आशा व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मी टीकाकरण में सहयोग करेंगे। यह टीका जिले के कोल्ड-चेन युक्त सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ही लगाया जाएगा।