एपीजी विश्वविद्यालय शिमला में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने किया स्मार्ट सेमिनार हॉल व वेलनेस सेंटर का लोकार्पण

शिमला 28 फरवरी चम्बा न्यूज एक्सप्रेस (ब्यूरो)
रोहित ठाकुर ने आज एपीजी विश्वविद्यालय में आयोजित एक दिवसीय कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के स्टाफ और विद्यार्थियों ने शिक्षा मंत्री का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. रमेश कुमार चौधरी ने मुख्यातिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। शिक्षा मंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय के स्मार्ट सेमिनार हॉल तथा रिक्रिएशनल हब व वेलनेस सेंटर का लोकार्पण किया।

इसके साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय के न्यूजलेटर का भी विमोचन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि देवभूमि हिमाचल को ऋषि-मुनियों और विद्वानों की तपोभूमि माना जाता है और शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश ने समय-समय पर नए आयाम स्थापित किए हैं।उन्होंने कहा कि प्रदेश की साक्षरता दर लगभग 99.3 प्रतिशत है और शिक्षा विभाग का बजट भी अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है। शिक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार नई योजनाओं को लागू कर रही है।

उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी देश की रीढ़ है और शिक्षण संस्थानों की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होती है।शिक्षा मंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र के हितधारक भी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। प्रदेश में कई निजी और सरकारी विश्वविद्यालयों के साथ एक केंद्रीय विश्वविद्यालय भी संचालित है, जहां देश-विदेश के विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में मेरिट आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।उन्होंने बताया कि शिक्षा क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए पिछले दो वर्षों में 7 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई है और लगभग 4 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।

इसके अलावा 600 पद सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के लिए भरे जा रहे हैं तथा प्रथम चरण में प्रदेश की 148 राजकीय पाठशालाओं को सीबीएसई से संबद्ध किया जा रहा है।कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने मीडिया टीम, मूट कोर्ट, एंटी रैगिंग, टैलेंट हंट, स्टूडेंट पार्लियामेंट और ‘एकृति’ के प्रतिभागियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना, पंजाबी नृत्य और पहाड़ी लोक नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। कार्यक्रम में अनेक गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।