शिमला में 42 सड़क दुर्घटनाओं में 19 की मौत, लापरवाही बनी मुख्य कारण

शिमला 17 मार्च चम्बा न्यूज एक्सप्रेस (ब्यूरो)
अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आज जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। बैठक में वर्ष 2026 के जनवरी और फरवरी माह के आंकड़ों की समीक्षा की गई, जिसके अनुसार जिले में अब तक 42 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन हादसों में कुल 19 लोगों की मौत हुई, जिनमें से 11 लोग स्वयं वाहन चला रहे थे।बैठक में बताया गया कि पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों का भी विश्लेषण किया जा रहा है। हालांकि वर्ष 2025 में 2024 की तुलना में दुर्घटनाओं में कमी आई है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी हादसों की संख्या अधिक बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन दुर्घटनाओं के पीछे सबसे बड़ा कारण मानवीय त्रुटियां हैं, जिनमें ओवरस्पीड, शराब के नशे में वाहन चलाना और लापरवाही से ओवरटेकिंग प्रमुख हैं।उपायुक्त अनुपम कश्यप ने सभी वाहन चालकों से अपील की कि वे यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं और थोड़ी सी लापरवाही किसी की जान ले सकती है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

बैठक में आपदा मित्रों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि आपदा मित्रों के मोबाइल नंबर और पते पुलिस एवं परिवहन विभाग के साथ साझा किए जाएं, ताकि दुर्घटना के समय तुरंत सहायता उपलब्ध करवाई जा सके।इस अवसर पर विश्व देव मोहन चौहान ने बताया कि जिला सड़क सुरक्षा समिति का मुख्य उद्देश्य दुर्घटनाओं को कम करना और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाना है। समिति द्वारा ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर वहां सुधारात्मक उपाय जैसे स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेत और सड़क मरम्मत कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही, जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है।बैठक में एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा और डीएसपी ट्रैफिक चंद्रशेखर सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।