दुर्गेला मेले में दिखी हिमाचली संस्कृति की झलक, उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने बढ़ाया उत्साह

कांगडा 05 चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
कांगडा जिला की दुर्गेला पंचायत में आयोजित स्थानीय मेले ने एक बार फिर हिमाचली संस्कृति, एकता और भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश की। इस अवसर पर उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। उनके साथ मेला कमेटी प्रधान कुलभूषण चौहान, सदस्य बुद्धिसिंह राणा, राजिंद्र चौहान, प्रमोद पठानिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी रही।मुख्य अतिथि ने मेले में लोगों के बीच बैठकर पारंपरिक कुश्ती प्रतियोगिता (दंगल) का भरपूर आनंद लिया। अपने संबोधन में उन्होंने मेला कमेटी को भव्य आयोजन और समय पर “बड़ी माली” करवाने के लिए बधाई दी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में लगने वाले स्थानीय मेले न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि यह हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकता के प्रतीक भी हैं।उन्होंने आगे कहा कि समय के साथ इन मेलों का स्वरूप और विस्तार बढ़ा है, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। मेलों में आयोजित खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, जिससे उनका उत्साहवर्धन होता है।

मेले के दौरान आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता में दुर्गेला मेले की “माली” पट्टी के परमिंद्र और फगवाड़ा के पम्मा के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ। इस दंगल में परमिंद्र ने मात्र सात मिनट में जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया।कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि ने विजेता पहलवानों को अपने हाथों से पुरस्कार वितरित किए। साथ ही मेला कमेटी के पदाधिकारियों और आयोजन में आर्थिक सहयोग देने वाले दानदाताओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। यह मेला क्षेत्र में सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक बनकर उभरा।
