मिड डे मील वर्कर्स की 22 जून को प्रदेशव्यापी हड़ताल, शिमला सचिवालय घेराव का ऐलान

डलहोजी/चम्बा 05 अप्रैल मुकेश कुमार (गोल्डी)
बनीखेत में मिड डे मील वर्कर यूनियन ब्लॉक कमेटी (सीटू से संबद्ध) की बैठक 5 अप्रैल 2026 को संपन्न हुई, जिसमें कर्मचारियों की लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर व्यापक चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के जिला अध्यक्ष विपिन ने की, जबकि सीटू के जिला अध्यक्ष नरेंद्र भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।बैठक को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि बनीखेत ब्लॉक में मिड डे मील वर्कर्स को समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा घोषित बढ़ा हुआ मानदेय भी अब तक पूर्ण रूप से नहीं दिया गया है। वर्तमान में वर्कर्स को मात्र 4000 रुपये का मानदेय मिल रहा है, वह भी अनियमित रूप से।यूनियन नेताओं ने कहा कि मिड डे मील वर्कर्स से स्कूलों में अतिरिक्त कार्य लिया जा रहा है, जबकि उन्हें न तो पर्याप्त वेतन मिल रहा है और न ही कोई सामाजिक सुरक्षा।

उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष घोषित मानदेय वृद्धि अभी तक लागू नहीं की गई है। इसके चलते कर्मचारियों को घर का खर्च, बच्चों की शिक्षा, इलाज और अन्य सामाजिक जिम्मेदारियां निभाने में कठिनाई हो रही है।बैठक में यह भी मुद्दा उठाया गया कि हाई कोर्ट के 12 माह वेतन संबंधी निर्णय को लागू नहीं किया जा रहा है, जबकि अन्य शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को इसका लाभ मिल रहा है। इसके अलावा, 25 बच्चों की शर्त के कारण कई वर्कर्स को नौकरी छोड़नी पड़ रही है।इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए यूनियन ने 22 जून को प्रदेशव्यापी हड़ताल करने और शिमला में सचिवालय का घेराव करने का ऐलान किया है। यूनियन का कहना है कि सरकार लगातार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है, जिसके चलते उन्हें संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ा है। बैठक में बड़ी संख्या में महिला वर्कर्स ने भाग लेकर आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।