चंबा में चिकित्सा अधिकारियों के लिए सर्पदंश प्रबंधन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

चम्बा 30 दिसम्बर मुकेश कुमार (गोल्डी)
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग जिला चंबा द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंबा के सभागार में चिकित्सा अधिकारियों के लिए सर्पदंश (सांप काटने) के प्रबंधन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंबा डॉ. जालम भारद्वाज ने की। प्रशिक्षण का उद्देश्य सर्पदंश से संबंधित भय, भ्रांतियों और गलत उपचार पद्धतियों को दूर कर समय पर वैज्ञानिक चिकित्सा उपलब्ध कराना रहा।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम भारद्वाज ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि आमजन में यह धारणा बनी हुई है कि सांप के काटने पर व्यक्ति का बचना मुश्किल है, जबकि वास्तविकता यह है कि अधिकांश सांप विषैले नहीं होते।

उन्होंने बताया कि जड़ी-बूटी, झाड़-फूंक और अन्य पारंपरिक तरीकों के कारण कई बार मरीज की जान तक चली जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर वर्ष विश्वभर में लगभग 50 लाख सर्पदंश के मामले सामने आते हैं, जबकि भारत में प्रतिवर्ष करीब 58 हजार लोगों की मृत्यु सर्पदंश के कारण होती है, जो गंभीर चिंता का विषय है।उन्होंने सर्पदंश की स्थिति में प्राथमिक देखभाल के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मरीज को शांत रखा जाए, काटे गए स्थान को खुला छोड़ा जाए तथा प्रभावित अंग से जूते, बेल्ट, अंगूठी, घड़ी या तंग कपड़े हटा दिए जाएं। मरीज को बाईं ओर पेट के बल लिटाकर दाहिना पैर मोड़ने और शीघ्र नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हरित पूरी ने कहा कि पीड़ित को अत्यधिक घबराने या थकने न दिया जाए।

सांप पर हमला न करें, घाव पर घरेलू उपचार न करें, रक्त संचार रोकने के लिए अंग न बांधें और किसी भी असुरक्षित या पारंपरिक उपचार से बचें।प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. अनिल (एमडी मेडिसिन), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डलहौजी ने गेस्ट लेक्चर दिया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सोहेल सहित अन्य चिकित्सा अधिकारी भी उपस्थित रहे।