चंबा में आशा कार्यकर्ताओं के लिए पांच दिवसीय गृह आधारित शिशु देखभाल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

चंबा में आशा कार्यकर्ताओं के लिए पांच दिवसीय गृह आधारित शिशु देखभाल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

चम्बा 27 जनवरी मुकेश कुमार (गोल्डी)

जिला मुख्यालय चंबा में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के दिशानिर्देशों के अनुसार आशा कार्यकर्ताओं के लिए छोटे बच्चों की गृह आधारित देखभाल से संबंधित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षण के पहले दिन जिला स्वास्थ्य अधिकारी चंबा डॉ. कविता महाजन ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के महत्व और उद्देश्यों पर विस्तार से जानकारी दी।डॉ. कविता महाजन ने बताया कि यह प्रशिक्षण स्वास्थ्य खंड समोट, पुखरी और चूड़ी से संबंधित आशा कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित किया गया है, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नवजात और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर ढंग से बनाए रख सकें।

उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बाल मृत्यु दर और बाल रोगों में कमी लाना, बच्चों की पोषण संबंधी स्थिति में सुधार करना तथा उनकी सही वृद्धि और प्रारंभिक बाल विकास को सुनिश्चित करना है।उन्होंने कहा कि ग्रामीण और अति पिछड़े क्षेत्रों में कई बार बच्चों में बीमारी की पहचान समय पर नहीं हो पाती, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है। ऐसे में आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वे घर पर ही प्रारंभिक स्तर पर बीमारियों की पहचान कर सकें और आवश्यक देखभाल एवं प्राथमिक उपचार उपलब्ध करा सकें।

इससे समय पर इलाज संभव होगा और बच्चों के स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार आएगा।जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने आशा व्यक्त की कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के पूर्ण होने के बाद जिला चंबा के ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में बच्चों के स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभों को पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुंचाने और उनके क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

इस अवसर पर प्रशिक्षण सत्र में जन शिक्षा एवं संप्रेषण अधिकारी सी. आर. ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय चंबा से जुड़े अधिकारी तथा जिला आशा समन्वयक अनु कौशल भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं को गृह आधारित शिशु देखभाल से जुड़ी विभिन्न व्यवहारिक जानकारियां दी गईं और आगामी दिनों में होने वाले सत्रों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई।

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