मुख्यमंत्री सुक्खू का दावा गलत साबित, ₹10 पर्ची पर सरकार का झूठ उजागर विधायक डॉक्टर जनक राज

चम्बा 14 जून मुकेश कुमार (गोल्डी)
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का एक और दावा अब विवादों में घिर गया है। हाल ही में किन्नौर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने यह कहा था कि अस्पतालों में ₹10 की पर्ची लागू करने का निर्णय सरकार का नहीं है। उन्होंने यह बात जनता को आश्वस्त करने के उद्देश्य से कही थी, लेकिन अब सामने आए दस्तावेजों ने इस दावे की सच्चाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकार के विशेष सचिव (स्वास्थ्य) द्वारा 5 जून 2025 को पांगी क्षेत्र के खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) को जारी किए गए पत्र में स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए है कि साफ़ सफ़ाई इंफ्रास्ट्रक्चर और इक्विपमेंट के चार्ज अपने हिसाब से तय करें और दस रुपये परामर्श शुल्क प्रत्येक व्यक्ति से वसूल करें ओपीडी सेवाओं के लें । यह आदेश न केवल मुख्यमंत्री के दावे का खंडन करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि यह निर्णय सरकार के स्तर पर ही लिया गया था और इसके पीछे प्रशासनिक प्रक्रिया भी पूरी की गई थी।

यह खुलासा विधानसभा क्षेत्र भरमौर के भाजपा विधायक डॉक्टर जनक राज ने किया है उनका मानना है कि यह प्रदेश सरकार का भोली भाली जनता को गुमराह करने का सोचा समझा प्रयास है कि सरकार को अपने निर्णयों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, न कि जनता को भ्रमित करने वाले बयान देने चाहिए।
मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया बयान और अब सामने आए आधिकारिक आदेश एक-दूसरे के विपरीत हैं, जिससे सरकार की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जनता अब जवाब मांग रही है कि आखिर सच्चाई क्या है — मुख्यमंत्री का बयान या सरकार द्वारा जारी किया गया पत्र?
यह घटना प्रशासनिक जवाबदेही और राजनीतिक ईमानदारी के मापदंडों पर भी गंभीर बहस छिड़ती नज़र आ रही है