दल-बदल या नई रणनीति? मनोज चड्ढा की गतिविधियों से डलहौज़ी की राजनीति गरमाई

दल-बदल या नई रणनीति? मनोज चड्ढा की गतिविधियों से डलहौज़ी की राजनीति गरमाई

डलहौजी / चंबा, 03 अप्रैल मुकेश कुमार (गोल्डी)

डलहौज़ी की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है, और इसके केंद्र में हैं स्थानीय नेता एवं व्यवसायी मनोज चड्ढा। समय-समय पर राजनीतिक पाला बदलने के लिए चर्चित रहे चड्ढा की हालिया सक्रियता ने उनके अगले कदम को लेकर अटकलों का दौर तेज कर दिया है।हाल ही में चंडीगढ़ में उनके पुत्र के विवाह समारोह में हिमाचल प्रदेश के कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को हवा दी। खास बात यह रही कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी इस समारोह में शामिल हुए, जबकि भारतीय जनता पार्टी का कोई प्रमुख चेहरा नजर नहीं आया।

चड्ढा वर्तमान में भाजपा से जुड़े हुए हैं, ऐसे में यह स्थिति कई सवाल खड़े करती है।इसके बाद डलहौज़ी स्थित उनके निवास पर आयोजित न्वाला एवं धाम कार्यक्रम में भी कांग्रेस नेताओं की मजबूत मौजूदगी देखने को मिली। इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया और पूर्व शिक्षा मंत्री आशा कुमारी सहित कई कांग्रेसी नेता शामिल हुए। वहीं भाजपा के प्रमुख नेताओं, जैसे सांसद राजीव भारद्वाज और विधायक डी. एस. ठाकुर की अनुपस्थिति ने चर्चाओं को और गहरा कर दिया।इतना ही नहीं, चंबा में हाल ही में आयोजित एक अस्पताल उद्घाटन समारोह में भी मनोज चड्ढा कांग्रेस नेताओं के साथ मंच साझा करते नजर आए।

लगातार बढ़ती यह नजदीकियां यह संकेत दे रही हैं कि कहीं न कहीं राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी डलहौज़ी नगर परिषद (एमसी) चुनावों को देखते हुए चड्ढा अपनी रणनीति को नए सिरे से तैयार कर रहे हैं। यदि वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में वापसी करते हैं, तो इसका सीधा असर स्थानीय राजनीति पर पड़ सकता है। इससे भाजपा और कांग्रेस को कितनी मजबूती या नुकसान होगा, यह आने वाला समय ही तय करेगा।हालांकि, बार-बार दल बदलने की चर्चाओं के बीच मनोज चड्ढा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि यह महज सामाजिक संबंधों का विस्तार है या फिर किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की तैयारी।फिलहाल, डलहौज़ी की जनता और राजनीतिक गलियारों की नजरें चड्ढा के अगले कदम पर टिकी हुई हैं, जो आने वाले समय में क्षेत्र की राजनीति की दिशा तय कर सकता है।

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