जिला में प्राकृतिक हल्दी की खेती से सशक्त हो रही है किसानों की आर्थिकी

जिला में प्राकृतिक हल्दी की खेती से सशक्त हो रही है किसानों की आर्थिकी

चंबा, 27 मई मुकेश कुमार (गोल्डी)

हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। जिला चंबा के भटियात उपमंडल में किसानों ने प्राकृतिक विधि से तैयार 12 क्विंटल हल्दी बेचकर आर्थिक लाभ प्राप्त किया है। राज्य सरकार ने प्राकृतिक हल्दी के लिए 90 रुपये प्रति किलो का समर्थन मूल्य निर्धारित किया है, जिससे किसानों की आर्थिकी को मजबूती मिल रही है।आत्मा परियोजना के निदेशक डॉ. ज्योति रंजन कालिया ने बताया कि जिन किसानों ने एक वर्ष या उससे अधिक समय से प्रमाणित प्राकृतिक खेती अपनाई है, उन्हीं से हल्दी की खरीद की गई है।

खरीदी गई हल्दी का आधा हिस्सा जायका प्रोजेक्ट के तहत एफपीसी कंपनी भवारना को प्रोसेसिंग के लिए भेजा जाएगा, जबकि शेष हिस्से को जिला के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन प्लांट के माध्यम से उपयोग किया जाएगा।हल्दी बेचने वाले किसानों—राजेश बलौरिया (सलोह), निखिल ठाकुर (ओधरा), करण सिंह (तारागढ़), शेर सिंह (कुठेड़), और मनीषा शर्मा (जनूही)—ने सरकार की इस पहल की सराहना की है।

उनका कहना है कि समर्थन मूल्य मिलने से न केवल उन्हें आय का उचित लाभ मिल रहा है, बल्कि अन्य ग्रामीण भी प्राकृतिक खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इससे क्षेत्र में कृषि को एक बेहतर स्वरोजगार के रूप में अपनाया जा रहा है।प्राकृतिक खेती से गेहूं, मक्की, जौं व हल्दी जैसे उत्पादों की पैदावार बढ़ रही है। आत्मा परियोजना के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व व लाभों की जानकारी दी जा रही है। डॉ. कालिया ने किसानों से आह्वान किया कि वे प्राकृतिक खेती व फसल विपणन संबंधी जानकारी के लिए आत्मा कार्यालय या खंड तकनीकी प्रबंधकों से संपर्क करें।

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