जिला राजस्व अदालत की बैठक में लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे पर जोर

चम्बा 31 जनवरी मुकेश कुमार (गोल्डी)
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में आज जिला राजस्व अदालत की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले में लंबित राजस्व मामलों की समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य राजस्व प्रकरणों के त्वरित और समयबद्ध निपटारे को सुनिश्चित करना रहा। उपायुक्त ने गत सप्ताह राजस्व मामलों के निस्तारण हेतु निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी उपमंडल अधिकारियों, तहसीलदारों तथा नायब तहसीलदारों को निर्देशित किया कि प्रत्येक सप्ताह न्यूनतम 100 मामलों का निपटारा अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि आम जनता को लंबे समय से लंबित मामलों से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े प्रकरण सीधे तौर पर जनता की समस्याओं से जुड़े होते हैं, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उपायुक्त ने जानकारी दी कि विशेष अभियान के अंतर्गत 29 जनवरी तक कुल 351 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया जा चुका है। इनमें 82 तकसीम, 172 सीमांकन तथा 97 राजस्व अभिलेख दुरुस्ती से संबंधित मामले शामिल हैं। उन्होंने इसे संतोषजनक प्रगति बताते हुए अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि तीन माह की विशेष अभियान अवधि के दौरान पुराने और लंबे समय से लंबित मामलों के शीघ्र समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए। उपायुक्त ने बताया कि बीते सप्ताह भारी बर्फबारी के कारण चुराह, डलहौजी, सलूणी, भरमौर और पांगी क्षेत्रों में कार्य प्रभावित रहा, लेकिन अब मौसम सामान्य होने की संभावना को देखते हुए अभियान की गति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि छह माह से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि एक वर्ष से अधिक पुराना कोई भी मामला लंबित न रहे। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा, सहायक आयुक्त केशव राम, जिला राजस्व अधिकारी विक्रमजीत सिंह सहित विभिन्न उपमंडलों के एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
