भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगारों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य, 28 फरवरी अंतिम तिथि

चम्बा 18 फरवरी मुकेश कुमार (गोल्डी)
जिला श्रम कल्याण अधिकारी श्वेता कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड द्वारा पंजीकृत सभी कामगारों के लिए ई-केवाईसी (आधार सत्यापन) करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह प्रक्रिया इसलिए आवश्यक है ताकि पंजीकृत कामगार बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी रुकावट के निरंतर प्राप्त कर सकें।उन्होंने बताया कि सभी पंजीकृत कामगारों को आगामी 28 फरवरी तक अपना ई-केवाईसी सत्यापन अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर आधार सत्यापन न करवाने की स्थिति में संबंधित कामगारों को भविष्य में बोर्ड की योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।जिला श्रम कल्याण अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ई-केवाईसी सत्यापन का मुख्य उद्देश्य कामगारों के पंजीकरण रिकॉर्ड को अद्यतन करना तथा योजनाओं का लाभ सही पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके माध्यम से पेंशन, छात्रवृत्ति, चिकित्सा सहायता, मातृत्व लाभ, औजार सहायता तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुचारू रूप से दिया जा सकेगा। साथ ही इससे फर्जी या निष्क्रिय पंजीकरणों पर भी रोक लगेगी।उन्होंने बताया कि ई-केवाईसी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए आधार आधारित सत्यापन प्रणाली अपनाई गई है, जिससे कामगारों की पहचान सुनिश्चित हो सके। कामगार नजदीकी लोक मित्र केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर अथवा संबंधित श्रम कार्यालय में जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड और पंजीकरण से संबंधित विवरण शामिल हैं।जिला श्रम कार्यालय ने सभी पंजीकृत कामगारों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना शीघ्र अपना ई-केवाईसी सत्यापन करवा लें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। विभाग ने यह भी कहा कि यदि किसी कामगार को ई-केवाईसी प्रक्रिया से संबंधित कोई समस्या आती है, तो वे जिला श्रम कार्यालय से संपर्क कर मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।