राजीव गांधी स्वरोज़गार स्टार्ट-अप योजना के तहत ई-टैक्सी पर 40% तक सब्सिडी, टैक्सी चालकों को मिलेगा बड़ा लाभ

शिमला 27 जनवरी मुकेश कुमार (गोल्डी)
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के टैक्सी चालकों को आत्मनिर्भर बनाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। परिवहन विभाग, हिमाचल प्रदेश के माध्यम से राजीव गांधी स्वरोज़गार स्टार्ट-अप योजना (Stage-IV) के अंतर्गत अब डीज़ल व पेट्रोल टैक्सियों को इलेक्ट्रिक टैक्सी (ई-टैक्सी) में परिवर्तित करने पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है।इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बढ़ते वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाना, स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करना तथा टैक्सी चालकों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उनकी आय के साधनों को सशक्त बनाना है।

इलेक्ट्रिक टैक्सियों के उपयोग से ईंधन खर्च में कमी आएगी, जिससे चालकों को आर्थिक राहत मिलेगी और पर्यावरण को भी लाभ पहुंचेगा।योजना के अंतर्गत पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं। आवेदक का वाहन हिमाचल प्रदेश में व्यावसायिक टैक्सी के रूप में पंजीकृत एवं सक्रिय होना अनिवार्य है। इसके साथ ही डीज़ल या पेट्रोल टैक्सी का पंजीकरण कम से कम 5 वर्ष पुराना होना चाहिए। आवेदक का हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी (बोनाफाइड) होना भी आवश्यक है।इच्छुक टैक्सी चालक इस योजना का लाभ उठाने के लिए दिनांक 15 जनवरी 2026 से 04 फरवरी 2026 तक अपने आवेदन पत्र सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO), शिमला में जमा करवा सकते हैं।

आवेदन प्रक्रिया को सरल रखा गया है ताकि अधिक से अधिक पात्र व्यक्ति योजना से जुड़ सकें।योजना से संबंधित विस्तृत नियम एवं शर्तों की जानकारी संबंधित आरटीओ कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://himachal.nic.in/transport पर भी आवश्यक विवरण उपलब्ध है।परिवहन विभाग का मानना है कि यह योजना न केवल रोजगार सृजन में सहायक होगी, बल्कि हिमाचल प्रदेश को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण अनुकूल राज्य बनाने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगी।
