जिला स्तरीय तकनीकी समिति की वार्षिक बैठक आयोजित, कृषि व पशुपालन के लिए वित्तीय मानक दरों को मिली मंजूरी

चम्बा 30 जनवरी मुकेश कुमार (गोल्डी)
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में आज जिला स्तरीय तकनीकी समिति की वार्षिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कृषि एवं बागवानी फसलों की वित्तीय मानक दरों में संशोधन तथा पशुपालन एवं मत्स्य पालन क्षेत्रों के लिए कार्यशील पूंजी ऋण की दरों के पुनरीक्षण को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।बैठक के दौरान समिति के समक्ष प्रस्तुत सभी प्रस्तावित बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई। चर्चा के उपरांत समिति द्वारा कृषि एवं बागवानी फसलों, पशुपालन गतिविधियों तथा मत्स्य पालन गतिविधियों के लिए संशोधित वित्तीय मानक दरों को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।

इन दरों के निर्धारण से आगामी वित्त वर्ष में संबंधित क्षेत्रों को संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने में सुगमता आएगी।इस अवसर पर उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित वित्तीय मानक दरें किसानों, बागवानों एवं पशुपालकों को बैंक ऋण सुविधा प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होंगी। उन्होंने कहा कि इससे कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी तथा स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों एवं बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि पात्र किसानों तक योजना का अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने नाबार्ड बैंक द्वारा तैयार की गई संभाव्यतायुक्त ऋण योजना 2026-27 बुक का विमोचन भी किया। यह पुस्तक जिले में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में ऋण संभावनाओं का मार्गदर्शन प्रदान करेगी।बैठक में उपनिदेशक कृषि भूपेंद्र सिंह, उपनिदेशक पशुपालन डॉ. राजेश भंगालिया, अग्रणी बैंक प्रबंधक डी.सी. चौहान, नाबार्ड बैंक के प्रतिनिधि, सहायक पंजीयक सहकारी समितियां तथा प्रगतिशील कृषक एवं बागवानों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।