भाजपा विधायक दल ने राज्यपाल से की मुलाकात, विधायक व ऐच्छिक निधि पर रोक के खिलाफ सौंपा ज्ञापन

भाजपा विधायक दल ने राज्यपाल से की मुलाकात, विधायक व ऐच्छिक निधि पर रोक के खिलाफ सौंपा ज्ञापन

शिमला 06 फरवरी चम्बा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)

माननीय पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में आज भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल ने महामहिम राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान भाजपा विधायक दल ने कांग्रेस सरकार द्वारा विधायक निधि और ऐच्छिक निधि पर लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में राज्यपाल को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से राज्य की वर्तमान कांग्रेस सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए विधायक निधि और ऐच्छिक निधि को तत्काल बहाल करने की मांग की गई।भाजपा विधायक दल ने कहा कि विधायक निधि और ऐच्छिक निधि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से आम जनता की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने का एक प्रभावी माध्यम है।

इन निधियों से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सड़कों, पेयजल योजनाओं, स्कूलों, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य विकास कार्यों को गति मिलती है। सरकार द्वारा इन निधियों पर रोक लगाए जाने से विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं और जनता को इसका सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है।नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान सरकार की यह निर्णय जनविरोधी है और इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना को ठेस पहुंचती है। उन्होंने राज्यपाल के माध्यम से सुक्खू सरकार से आग्रह किया कि विधायक निधि और ऐच्छिक निधि को अविलंब जारी किया जाए, ताकि विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सके।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि विधायकों द्वारा सुझाई गई प्राथमिकताओं की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर उन्हें शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए और समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जाए।भाजपा विधायक दल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार राजनीतिक द्वेष की भावना से कार्य कर रही है और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने विकास के लिए विधायकों को चुना है, लेकिन सरकार की नीतियों के कारण विकास कार्य ठप पड़े हैं।

अंत में भाजपा विधायक दल ने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे इस गंभीर मामले में हस्तक्षेप कर सरकार को जनहित में उचित निर्णय लेने के निर्देश दें, ताकि प्रदेश में विकास की गति पुनः बहाल हो सके।

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