उपायुक्त ने रंग महल के रखरखाव कार्यों का लिया जायज़ा, पारंपरिक वास्तुकला के अनुरूप मरम्मत के निर्देश

चंबा, 12 दिसंबर मुकेश कुमार (गोल्डी)
उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल ने बुधवार को ऐतिहासिक रंग महल परिसर का दौरा कर वहां चल रहे रखरखाव एवं संरक्षण कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने भवन के विभिन्न हिस्सों, कार्यालयों तथा संरक्षित ऐतिहासिक धरोहरों की स्थिति का जायज़ा लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कहा कि रंग महल चंबा की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और कलात्मक धरोहर का महत्वपूर्ण प्रतीक है, इसलिए यहां होने वाले सभी कार्य पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला, सौंदर्य और कलात्मकता के अनुरूप ही किए जाएं।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग को विशेष रूप से निर्देश दिए कि मरम्मत कार्यों में भवन की मूल शैली और संरचना को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।उपायुक्त ने भवन में मौजूद अनुपयोगी सामग्री और कबाड़ की शीघ्र नीलामी करने को कहा, ताकि परिसर साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाया जा सके। उन्होंने भवन में संरक्षित पुरातन वस्तुओं—जैसे प्राचीन चित्रकला, नक्काशीदार लकड़ी, भित्तिचित्रों के अवशेष और अन्य कलात्मक धरोहरों—के संरक्षण, सुरक्षित प्रदर्शन और उचित रखरखाव के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।उन्होंने सुझाव दिया कि रंग महल की दीवारों पर स्थानीय इतिहास, संस्कृति और लोक कथाओं से जुड़े नए भित्तिचित्र बनवाए जाएं, जिससे यह स्थान एक प्रमुख सांस्कृतिक आकर्षण केंद्र के रूप में विकसित हो सके।

भवन में सिलन की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने जल निकासी की उचित व्यवस्था के साथ आसपास नालियों का निर्माण करने को कहा, ताकि वर्षा और रिसाव से भवन को नुकसान न पहुंचे। परिसर के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।इस दौरान उपायुक्त ने रंग महल स्थित हस्तशिल्प प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण कर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से संवाद किया। उन्होंने चंबा रुमाल, शॉल, साड़ियाँ आदि हस्तशिल्प उत्पादों की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया की सराहना की।निरीक्षण में एडीसी अमित मैहरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।