बीपीएल सूची से नाम कटने पर विधायक डॉ. जनक राज का सरकार पर तीखा हमला

भरमौर/चम्बा 04 जनवरी मुकेश कुमार (गोल्डी)
हिमाचल प्रदेश में बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) सूची से हजारों गरीब परिवारों के नाम हटाए जाने को लेकर सियासत तेज हो गई है। भरमौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. जनक राज ने प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर कड़ा निशाना साधते हुए इस फैसले को अमानवीय और गरीब-विरोधी करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बीपीएल सूची से नाम काटकर गरीब परिवारों के हिस्से की रोटी, दवा और उनके बच्चों का भविष्य छीन लिया है।डॉ. जनक राज ने कहा कि बीपीएल कार्ड गरीब परिवारों के लिए सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, बल्कि जीवन जीने का सहारा होता है। इसी के माध्यम से उन्हें सस्ता राशन, स्वास्थ्य सुविधाएं, बच्चों की शिक्षा से जुड़ी योजनाएं और अन्य कल्याणकारी लाभ मिलते हैं। ऐसे में बिना व्यापक और निष्पक्ष सर्वे के हजारों परिवारों को सूची से बाहर करना सीधे तौर पर गरीबों पर हमला है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का यह निर्णय जमीनी हकीकत से दूर है और इसका खामियाजा मेहनतकश, मजदूर और कमजोर वर्ग को भुगतना पड़ रहा है। विधायक ने कहा कि महंगाई पहले ही आम आदमी की कमर तोड़ चुकी है और अब बीपीएल सुविधाओं से वंचित कर गरीबों की मुश्किलें और बढ़ा दी गई हैं। कई परिवार ऐसे हैं जिनकी आय का कोई स्थायी साधन नहीं है और वे पूरी तरह सरकारी सहायता पर निर्भर हैं।डॉ. जनक राज ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस फैसले पर शीघ्र पुनर्विचार नहीं किया और वास्तविक गरीबों के नाम दोबारा बीपीएल सूची में शामिल नहीं किए गए, तो इसके खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक आवाज बुलंद की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हम इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं रहेंगे।”वहीं, सरकार का कहना है कि बीपीएल सूची का संशोधन तय मानकों के अनुसार किया गया है और अपात्र लोगों को हटाने की प्रक्रिया चल रही है। बावजूद इसके, विपक्ष और प्रभावित परिवारों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। अब देखना होगा कि सरकार इस बढ़ते विरोध के बीच क्या कदम उठाती है और क्या वास्तव में गरीबों को राहत मिल पाती है या नहीं।