स्मार्ट मीटर योजना के खिलाफ चंबा में सीपीआई(एम) की जनसभा, केंद्र सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

चम्बा 17 मार्च मुकेश कुमार (गोल्डी)
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) सीपीआई(एम) द्वारा सोमवार को चंबा में जनता के ज्वलंत मुद्दों को लेकर एक जनसभा का आयोजन किया गया। इस जनसभा में पार्टी के राज्य सचिवालय सदस्य कुशाल भारद्वाज और प्रेम गौतम विशेष रूप से शामिल हुए, जबकि सभा की अध्यक्षता राज्य कमेटी सदस्य सुदेश ठाकुर ने की।यह जनसभा 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले बड़े राष्ट्रीय प्रदर्शन के समर्थन में “जन आक्रोश जत्था अभियान” के तहत आयोजित की गई। कार्यक्रम में महिलाओं, किसानों और मजदूरों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली।

सभा के दौरान मनरेगा की बहाली, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी और आम जनता से जुड़े अन्य मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया गया।सभा को संबोधित करते हुए कुशाल भारद्वाज ने केंद्र की मोदी सरकार पर सार्वजनिक क्षेत्र को निजी कंपनियों और बड़े पूंजीपतियों के हाथों सौंपने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र को निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी की जा रही है और स्मार्ट बिजली मीटर उसी योजना का हिस्सा हैं। उनके अनुसार स्मार्ट मीटर योजना आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने और कॉर्पोरेट कंपनियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास है।उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) ग्रांट को समाप्त कर दिया है, जिससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। इसके साथ ही मनरेगा कानून को कमजोर करने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सीमित करने की भी आलोचना की।

प्रेम गौतम ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि क्षेत्र में विदेशी कंपनियों को प्रवेश देने, वन संरक्षण कानून में संशोधन तथा आपदा प्रभावितों और भूमिहीनों को बसाने के लिए जमीन उपलब्ध न कराना केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों को दर्शाता है।जिला सचिव नरेंद्र ने 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली राष्ट्रीय रैली में चंबा से अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी का आह्वान किया। इस अवसर पर पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
