चंबा में आतमा परियोजना की समीक्षा बैठक, 2026-27 के लिए 1.80 करोड़ का प्रस्तावित बजट

चम्बा 19 फरवरी मुकेश कुमार (गोल्डी)
मुकेश रेपसवाल, उपायुक्त चंबा की अध्यक्षता में आज राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के वीडियो कॉन्फ्रेंस कक्ष में आतमा परियोजना (एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी) के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के दौरान किए गए कार्यों तथा वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित बजट को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।बैठक के दौरान उपायुक्त ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में आतमा परियोजना के तहत जिले को कुल 1 करोड़ 46 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया था, जिसमें से अब तक 1 करोड़ 10 लाख रुपये व्यय किए जा चुके हैं। वहीं, आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1 करोड़ 80 लाख रुपये के बजट की मांग प्रस्तुत की गई है। उन्होंने अधिकारियों के साथ प्रस्तावित बजट पर विस्तार से चर्चा करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।उपायुक्त ने कहा कि जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार समर्थित आतमा परियोजना, राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन तथा राज्य सरकार की राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के अंतर्गत अनेक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से किसानों और बागवानों को जागरूकता शिविरों, कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों द्वारा प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही किसानों को राज्य व अंतरराज्यीय स्तर पर प्राकृतिक खेती क्षेत्रों के अनुभव आधारित भ्रमण (एक्सपोजर विजिट) भी करवाए जा रहे हैं।उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में जिले में लगभग 23 हजार कृषक-बागवान 4812 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। उपायुक्त ने कृषि, उद्यान, पशुपालन, कृषि विज्ञान केंद्र तथा मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों को आतमा परियोजना के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि विभिन्न विभागीय योजनाओं का लाभ एक ही मंच से किसानों तक पहुंच सके।उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक पंचायत में 8 से 10 प्रगतिशील किसानों को तैयार करने के लक्ष्य के अनुसार योजनाबद्ध ढंग से कार्य किया जाए। उपायुक्त ने कहा कि चंबा जिला में कृषि एवं बागवानी की अपार संभावनाएं हैं और सही मार्गदर्शन से किसानों को समृद्ध बनाया जा सकता है।बैठक में उप निदेशक आतमा डॉ. नितिन कुमार, कृषि विभाग से डॉ. भूपेंद्र सिंह, उद्यान विभाग से डॉ. प्रमोद शाह, पशुपालन विभाग से डॉ. राकेश भंगालिया, मत्स्य पालन विभाग से डॉ. जय सिंह तथा उप निदेशक आतमा परियोजना डॉ. शिवानी राणा उपस्थित रहीं।