एयरस्ट्रिप को प्राथमिकता दें, रेल परियोजना अव्यावहारिक, मनीष सरीन का सांसद पर निशाना

एयरस्ट्रिप को प्राथमिकता दें, रेल परियोजना अव्यावहारिक, मनीष सरीन का सांसद पर निशाना

एयरस्ट्रिप को प्राथमिकता दें, रेल परियोजना अव्यावहारिक, मनीष सरीन का सांसद पर निशाना

डलहौजी/ चम्बा 19 मार्च मुकेश कुमार (गोल्डी)

चंबा क्षेत्र में कनेक्टिविटी को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं डलहौजी विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी मनीष सरीन ने चंबा को रेल संपर्क से जोड़ने संबंधी हालिया बयान पर सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज को घेरते हुए इसे अव्यावहारिक और भटकाने वाला मुद्दा बताया है।मनीष सरीन ने अपने बयान में कहा कि चंबा जैसे दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में रेलवे लाइन बिछाना न केवल तकनीकी रूप से जटिल है, बल्कि इसकी लागत भी हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट्स को पूरा होने में कई दशक लग सकते हैं, जिससे क्षेत्र को त्वरित लाभ मिलना संभव नहीं है।सरीन ने सवाल उठाया कि जब क्षेत्र को तत्काल बेहतर कनेक्टिविटी की आवश्यकता है, तो ऐसी योजनाओं पर जोर क्यों दिया जा रहा है, जिनका लाभ भविष्य में भी अनिश्चित है। उन्होंने कहा कि लोगों को जमीनी स्तर पर बदलाव चाहिए, न कि केवल कागजी योजनाएं।उन्होंने डलहौजी और आसपास के क्षेत्रों के लिए एयरस्ट्रिप निर्माण को सबसे व्यावहारिक समाधान बताते हुए इसे प्राथमिकता देने की मांग की। उनके अनुसार, एयरस्ट्रिप बनने से पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।सरीन ने स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आपातकालीन स्थितियों में हवाई सुविधा जीवन रक्षक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि गंभीर मरीजों को समय पर बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने में एयर कनेक्टिविटी अहम भूमिका निभा सकती है।अंत में उन्होंने नीति-निर्माताओं से अपील की कि वे लंबी अवधि वाली परियोजनाओं के बजाय ऐसे निर्णय लें, जो कम समय में लागू होकर सीधे जनता को लाभ पहुंचाएं।

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