श्रम संहिताओं के विरोध में चंबा में राष्ट्रव्यापी हड़ताल, हजारों मजदूर सड़कों पर उतरे

श्रम संहिताओं के विरोध में चंबा में राष्ट्रव्यापी हड़ताल, हजारों मजदूर सड़कों पर उतरे

चम्बा 13 फरवरी मुकेश कुमार (गोल्डी)

पूरे भारतवर्ष के साथ-साथ जिला चंबा में भी बीते कल बुधवार को मजदूर संगठनों ने केंद्र सरकार द्वारा लागू की जा रही श्रम संहिताओं के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आयोजन किया। यह हड़ताल सीटू (CITU) के बैनर तले आयोजित की गई, जिसमें आंगनवाड़ी वर्कर, आशा वर्कर यूनियन, एनएचसी मजदूर संघ सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों के हजारों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार द्वारा पारित चार श्रम संहिताओं—औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता, वेतन संहिता तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता—को मजदूर विरोधी बताते हुए उनका कड़ा विरोध किया।

मजदूर नेताओं का कहना है कि 21 नवंबर 2025 को केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 और 2020 में पारित इन श्रम संहिताओं को लागू करने के आदेश जारी किए, जिसके बाद से देशभर में मजदूर संगठनों में भारी रोष व्याप्त है।आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि नए कानूनों के तहत रोजगार की प्रकृति को बदल दिया गया है और अब फिक्स टर्म यानी निश्चित अवधि के लिए ही रोजगार देने का प्रावधान किया गया है। इससे नौकरी की सुरक्षा समाप्त हो जाएगी और श्रमिकों का शोषण बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि 50 से कम श्रमिकों को काम पर रखने वाले ठेकेदारों को अब श्रम विभाग से लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं होगी, जबकि पहले 20 मजदूर रखने पर लेबर लाइसेंस अनिवार्य था।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांग रखते हुए बताया कि वर्तमान में उन्हें 7 से 10 हजार रुपये तक मानदेय दिया जा रहा है, जिसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया जाना चाहिए। इसके साथ ही कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) में अंशदान 12 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किए जाने के फैसले का भी विरोध किया गया और इसे मजदूरों के हितों के खिलाफ बताया गया।हड़ताल के दौरान प्रदर्शनकारी उपायुक्त कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इसके बाद चंबा मुख्यालय में रैली निकाली गई, जहां श्रम संहिताओं और लेबर कोर्ट व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा व यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मजदूर नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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