बनीखेत–खैरी मुख्य मार्ग पर भूस्खलन के घाव आज भी हरे, लोक निर्माण विभाग की अनदेखी से बढ़ रहा खतरा

डलहौजी/चंबा 11 जनवरी मुकेश कुमार (गोल्डी)
बनीखेत–खैरी मुख्य मार्ग पर आपदा के समय हुए भूस्खलन के निशान आज भी साफ दिखाई दे रहे हैं, जो लोक निर्माण विभाग की उदासीनता की ओर इशारा करते हैं। आपदा के दौरान आनन-फानन में मार्ग को अस्थायी रूप से सुचारू तो कर दिया गया, लेकिन भूस्खलन से प्रभावित कई स्थानों पर सड़क की हालत आज भी बदहाल बनी हुई है। जगह-जगह धंसा हुआ मार्ग, सड़क पर पड़ा मलबा और कमजोर हो चुकी संरचना हर गुजरते दिन के साथ हादसों को न्योता दे रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मुख्य मार्ग पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। विशेषकर गांव बडेरू (नाडू) के पास सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस चुका है, जिसे अब तक स्थायी रूप से दुरुस्त नहीं किया गया।

भूस्खलन के दौरान गिरा मलबा आज भी कई स्थानों पर सड़क के किनारे और कुछ हिस्सों में मार्ग पर ही मौजूद है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब सड़क और अधिक कमजोर हो जाती है।ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से इस मार्ग की मरम्मत और स्थायी समाधान की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग केवल अस्थायी इंतजाम कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है। जबकि यह मार्ग क्षेत्र के कई गांवों को शहर से जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है और प्रतिदिन सैकड़ों वाहन यहां से गुजरते हैं।

हालांकि पुलिस और अन्य अधिकारी सुबह-शाम इसी मार्ग से आवाजाही करते हैं, इसके बावजूद सड़क पर फैला मलबा और धंसे हुए हिस्से अनदेखे बने हुए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस मार्ग की मरम्मत नहीं की गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।अब स्थानीय जनता प्रशासन से मांग कर रही है कि बनीखेत–खैरी मुख्य मार्ग पर भूस्खलन से प्रभावित सभी स्थानों का जल्द स्थायी समाधान किया जाए, ताकि आम लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और क्षेत्र को एक सुरक्षित व सुचारू सड़क सुविधा मिल सके।
