हिमाचल सदन में पुलिस कार्रवाई पर भड़के मुख्यमंत्री, लोकतांत्रिक मूल्यों के उल्लंघन का लगाया आरोप

शिमला 25 फरवरी चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस( ब्यूरो)
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में उस समय नया मोड़ आ गया जब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिल्ली स्थित हिमाचल सदन में हुई पुलिस कार्रवाई और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे लोकतंत्र की मर्यादाओं के खिलाफ बताया।मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना और बिना वारंट के इस प्रकार की छापेमारी करना लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई किसी भी संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं मानी जा सकती। सुक्खू ने स्पष्ट किया कि हिमाचल भवन और हिमाचल सदन प्रदेश की जनता की संपत्ति हैं और यहां ठहरने की प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित और पारदर्शी है।उन्होंने बताया कि इन भवनों में कमरों की बुकिंग अक्सर मुख्यमंत्री कार्यालय या अन्य अधिकृत माध्यमों से की जाती है। ऐसे में यह आरोप कि वहां केवल विशेष लोगों को ही ठहरने की अनुमति दी जाती है, पूरी तरह निराधार हैं। मुख्यमंत्री ने विपक्ष, विशेषकर भारतीय जनता पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य सरकार पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम नागरिकों और पत्रकारों के लिए भी यहां ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित करती है।सुक्खू ने कांग्रेस नेता उदयभान और अन्य कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की आलोचना करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। लोकतंत्र में असहमति की आवाज को दबाने की कोशिश उचित नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार और विपक्षी दलों पर हिमाचल प्रदेश के हितों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के अधिकारों और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने यह भी दोहराया कि 15वें और 16वें वित्त आयोग के समक्ष हिमाचल की मांगों को मजबूती से रखा जाएगा, ताकि विशेष परिस्थितियों वाले इस पर्वतीय राज्य को पर्याप्त वित्तीय सहयोग मिल सके। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि हिमाचल के सम्मान और स्वाभिमान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।