क्लस्टर/न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम के विरोध में प्राथमिक शिक्षक संघ ने विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन

क्लस्टर/न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम के विरोध में प्राथमिक शिक्षक संघ ने विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन

भटीयात/ चुवाडी 26 दिसम्बर बबलू पठानीया

हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ, जिला चम्बा (HP) के अध्यक्ष तेजेन्द्र विक्रम के नेतृत्व में आज जिला महासचिव राजेश कुमार देवल, जिला कार्यकारिणी के सदस्य, विभिन्न शिक्षा खण्डों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में प्राथमिक शिक्षक साथियों ने क्लस्टर/न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम के विरोध में किड्स कैंप सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल, चुवाड़ी में विधानसभा अध्यक्ष माननीय कुलदीप सिंह पठानिया से भेंट की। इस दौरान संघ की ओर से एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें संघ के कार्यकारी अध्यक्ष श्री रमेश सिंह बिजलवान की विशेष उपस्थिति रही।ज्ञापन में न्यू कॉम्प्लेक्स/क्लस्टर सिस्टम से प्राथमिक शिक्षा पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों की ओर ध्यान आकृष्ट किया गया। संघ ने कहा कि एक प्रधानाचार्य के अधीन 15–20 विद्यालयों को लाने से प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर होगा और कार्यक्षेत्र अत्यधिक बढ़ने से शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होगी। JBT से पदोन्नत HT, CHT एवं BEEO की शक्तियाँ और कार्यक्षेत्र सीमित किए जाने से लगभग 20 हजार कार्यरत तथा 30 हजार से अधिक सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षकों में गहरा रोष है।संघ ने मिड-डे मील योजना को लेकर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि प्राथमिक व उच्च प्राथमिक कक्षाओं की भोजन व्यवस्था को एकत्र करना भारत सरकार के मानकों के विपरीत है, जिससे 22 हजार से अधिक MDM वर्कर्स की नौकरियाँ संकट में पड़ सकती हैं। वर्तमान में 141 ब्लॉक कार्यालयों के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्थाएँ सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं, अतः इस व्यवस्था को समाप्त करना अनुचित होगा।इसके अतिरिक्त, 8 हजार से अधिक मल्टी-टास्क वर्कर्स, शिक्षा विभाग का लिपिक वर्ग, प्रवक्ता एवं स्नातक अध्यापक भी इस प्रणाली से असंतुष्ट बताए गए। संघ ने कहा कि JBT, HT एवं CHT के अवकाश स्वीकृति अधिकार प्रधानाचार्य को देना व्यावहारिक नहीं है और यह अधिकार CHT व BEEO के पास ही रहना चाहिए।अंत में संघ ने 23 सितंबर 2025 को जारी न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम की अधिसूचना को तत्काल वापस लेने तथा 13 फरवरी 2024 के अनुरूप रिसोर्स शेयरिंग के माध्यम से शिक्षा सुधार की मांग की, साथ ही सरकार से प्राथमिक शिक्षा के हित में सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा जताई।

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