“डलहौजी की असलियत बहस से सामने आएगी, बयानबाज़ी से नहीं” , मनीष सरीन का भाजपा विधायक को खुला आवाहन

डलहौजी/ चम्बा 07 दिसम्बर मुकेश कुमार ( गोल्डी)
डलहौजी विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों और सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर जारी राजनीतिक तकरार के बीच कांग्रेस कार्यकर्ता मनीष सरीन ने खुली बहस की मांग करते हुए एक विस्तृत बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि डलहौजी की जनता मुद्दों पर आधारित राजनीति चाहती है, न कि आरोप-प्रत्यारोप और भ्रम पैदा करने वाली बयानबाज़ी।भाजपा विधायक द्वारा दिए गए हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सरीन ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि को जनता की उम्मीदों, क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों और संवेदनशील परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संयमित व जिम्मेदार भाषा का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद सामान्य हैं, पर जब विषय विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और आधारभूत ढांचे से जुड़े हों, तो उन पर गंभीर विमर्श आवश्यक है।सरीन ने स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, सड़क संपर्क, पेयजल, और शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता इन समस्याओं से रोज़ जूझ रही है। ऐसे में विधायक का कर्तव्य है कि वह केवल विधानसभा में प्रश्न लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि सदन में मौजूद रहते हुए इन मुद्दों पर प्रभावी तरीके से आवाज़ उठाएं। उन्होंने कहा कि जनता को जानने का हक है कि विधानसभा में किए गए दावों का उन्हें क्या लाभ मिला।भाजपा विधायक पर अधूरी जानकारी के आधार पर बयान देने का आरोप लगाते हुए सरीन ने कहा कि नेतृत्व का स्तर पद से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने के तरीके से तय होता है। उन्होंने डी.एस. ठाकुर को खुले, सम्मानजनक और तथ्यों पर आधारित बहस के लिए आमंत्रित किया है। सरीन ने कहा कि विधायक समय, तारीख और स्थान स्वयं तय करें, वह जनता के समक्ष तथ्यात्मक चर्चा के लिए तैयार हैं।उन्होंने इस बहस को राजनीतिक टकराव नहीं, बल्कि जवाबदेही का प्रतीक बताते हुए कहा कि डलहौजी संवाद, मर्यादा और प्रगतिशील राजनीति की पहचान रहा है। सरीन ने विश्वास जताया कि खुली बहस से वास्तविक मुद्दे सामने आएंगे और जनता स्वयं तय करेगी कि किसने क्षेत्र के हित में वास्तविक कार्य किया।