टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत चुवाड़ी में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित

चम्बा 08 जनवरी मुकेश कुमार (गोल्डी)
टीबी मुक्त भारत कार्यक्रम के अंतर्गत आज चुवाड़ी में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में स्वास्थ्य खंड समोट के खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. शाम लाल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिमाचल प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों को मजबूत करना रहा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीएमओ डॉ. शाम लाल ने कहा कि टीबी उन्मूलन में केवल स्वास्थ्य विभाग ही नहीं, बल्कि मेडिकल स्टोर संचालकों, आयुर्वेदिक चिकित्सकों और आयुष डॉक्टरों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश दिए कि कफ सिरप या खांसी की दवाइयां देते समय टीबी मुक्त ऐप पर अनिवार्य रूप से एंट्री करें। इस एंट्री में मरीज का नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज किया जाना जरूरी है।डॉ. शाम लाल ने बताया कि अधिकांश लोग खांसी की दवाइयां सीधे बाजार से खरीद लेते हैं।

इनमें से कई लोग टीबी से ग्रस्त होते हैं, लेकिन किसी प्रकार की एंट्री न होने के कारण वे अनजाने में दूसरों को भी टीबी संक्रमण फैलाने का कारण बन जाते हैं। यदि समय पर जानकारी दर्ज हो जाए तो ऐसे मरीजों की पहचान कर उन्हें सही इलाज उपलब्ध करवाया जा सकता है।टीबी मुक्त परियोजना के सलाहकार गोबिंद ठाकुर ने टीबी रोग के लक्षणों, कारणों और इससे बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जब तक कफ सिरप और खांसी से संबंधित दवाइयों की नियमित एंट्री नहीं की जाएगी, तब तक टीबी पर प्रभावी नियंत्रण पाना संभव नहीं है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की।इस कार्यशाला में कुल 55 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रबंधक राजेश कुमार, लैब पर्यवेक्षक धीरज चौहान और लैब तकनीशियन शिव कुमार शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अंत में सभी प्रतिभागियों ने टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग का संकल्प लिया।