चंबा में विश्व ज़ूनोसिस दिवस पर जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

चंबा08 जुलाई मुकेश कुमार( गोल्डी)
जिला चंबा में विश्व ज़ूनोसिस दिवस के अवसर पर होटल सिटी हार्ट में एक जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को ज़ूनोटिक रोगों के बारे में जानकारी देना और उनकी रोकथाम के उपायों पर जागरूक करना था। आयोजन में स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग की संयुक्त भागीदारी रही।कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बिपिन ठाकुर ने की। उन्होंने बताया कि ज़ूनोसिस (Zoonosis) ऐसे संक्रामक रोग होते हैं जो जानवरों से मनुष्यों में फैलते हैं।

ये बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या परजीवी के माध्यम से फैल सकते हैं। “ज़ूनोसिस” शब्द यूनानी भाषा के “ज़ून” (जानवर) और “नोसोस” (बीमारी) से लिया गया है।डॉ. ठाकुर ने ज़ूनोसिस के फैलने के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी जैसे संक्रमित जानवर के काटने, उसके स्राव या मल-मूत्र से संपर्क, दूषित भोजन या पानी के सेवन से संक्रमण फैल सकता है।उन्होंने प्रमुख ज़ूनोटिक बीमारियों जैसे रेबीज, बर्ड फ्लू, स्वाइन फ्लू, इबोला और मंकीपॉक्स की पहचान, प्रभाव और गंभीरता पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इनमें से कई रोग जानलेवा हो सकते हैं और इनसे बचाव के लिए जागरूकता व सतर्कता आवश्यक है।

कार्यक्रम में ज़ूनोटिक रोगों की रोकथाम के लिए “वन हेल्थ” दृष्टिकोण को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया, जिसमें मानव, पशु और पर्यावरण स्वास्थ्य को एक साथ जोड़ा जाता है।इस अवसर पर डॉ. कविता महाजन, डॉ. हरित पूरी, डॉ. करण हितेषी, डॉ. सुरेश ठाकुर और डॉ. श्रेया कटोच ने भी अपने विचार रखे और रोगों से बचाव के उपायों पर जानकारी दी।कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और जनमानस के लिए उपयोगी व ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ।
