एस.सी., एस.टी. विकास निगम की योजनाओं का लाभ उठाएं लोग :- सोरभ शर्मा

चम्बा, 20 सितम्बर मुकेश कुमार (गोल्डी)
हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास निगम द्वारा समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी ऋण योजनाओं का लाभ पात्र लोग उठा सकते हैं। निगम का उद्देश्य शिक्षा प्राप्त करने, स्वरोज़गार स्थापित करने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। यह जानकारी जिला प्रबंधक सौरभ शर्मा ने दी।उन्होंने बताया कि निगम की योजनाओं के तहत अनुसूचित जाति वर्ग के 18 से 55 वर्ष तक की आयु के ऐसे लोग, जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक है, को व्यवसाय शुरू करने हेतु 50 हजार से 1.40 लाख रुपये तक का ऋण 6.50 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त 50 लाख रुपये तक का ऋण 8 प्रतिशत ब्याज दर पर भी लिया जा सकता है।

उच्च शिक्षा ऋण योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को नर्सिंग, बी-टेक, आईटीआई, एमबीबीएस, बी-फार्मेसी, एमबीए सहित अन्य उच्च शिक्षा के लिए 40 लाख रुपये तक का ऋण 6.50 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवाया जाता है।इसी प्रकार पीएम अजय योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के वे लोग जिनकी वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये तक है, उन्हें 3 से 5 लाख रुपये तक का ऋण 8 प्रतिशत ब्याज दर पर दिया जाता है। इस योजना में व्यवसाय शुरू करने के लिए अधिकतम 50 हजार रुपये तक की पूंजी अनुदान (सब्सिडी) भी प्रदान की जाती है।अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं को आदिवासी महिला सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत व्यवसाय हेतु 2 लाख रुपये तक का ऋण मात्र 4 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध है।

वहीं पुरुषों को लघु व्यवसाय योजना के तहत 50 हजार से 50 लाख रुपये तक का ऋण 6 से 10 प्रतिशत ब्याज दर पर दिया जाता है।जिला प्रबंधक ने स्पष्ट किया कि इन सभी योजनाओं का लाभ केवल हिमाचल प्रदेश के स्थायी निवासी ही उठा सकते हैं। लाभार्थियों की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए और वे किसी भी सरकारी संस्था अथवा बैंक द्वारा ऋण दोषी घोषित न हों।सौरभ शर्मा ने पात्र लाभार्थियों से आह्वान किया कि वे इन योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोज़गार की दिशा में कदम बढ़ाएं। इच्छुक व्यक्ति जिला प्रबंधक, अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास निगम, चम्बा के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।