चाइल्ड हेल्पलाइन चंबा द्वारा भटियात व चंबा तहसील में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया

चाइल्ड हेल्पलाइन चंबा द्वारा भटियात व चंबा तहसील में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया

चंबा, 12 सितंबर मुकेश कुमार (गोल्डी)

चाइल्ड हेल्पलाइन चंबा ने भटियात तहसील के पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चुआड़ी व चंबा तहसील के राजकीय प्राथमिक विद्यालय ओइल में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को चाइल्ड हेल्पलाइन की भूमिका, कार्यप्रणाली तथा विभिन्न सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संवेदनशीलता पैदा करना था।

कार्यक्रम में चाइल्ड हेल्पलाइन चंबा की मुफ्त फोन सेवा 1098 के माध्यम से दी जाने वाली सेवाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

काउंसलर नीता देवी, पर्यवेक्षक पंकज कुमार और केस वर्कर चमन सिंह ने बच्चों व शिक्षकों को बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन नशे की लत में फंसे बच्चे, जन्म पंजीकरण से वंचित बच्चे, अनाथ व अर्ध-अनाथ बच्चे, स्कूल छोड़ चुके बच्चे, मानसिक व शारीरिक रूप से अक्षम बच्चे, घरेलू हिंसा व छेड़छाड़ के शिकार बच्चे, बाल-विवाह व बाल-मजदूरी में फंसे बच्चे तथा अन्य किसी भी प्रकार से शोषित बच्चों के लिए महत्वपूर्ण सहायता उपलब्ध कराती है।

विशेष रूप से बच्चों को यह भी बताया गया कि सोशल मीडिया का अनुचित उपयोग गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। ब्लैकमेलिंग, मानसिक उत्पीड़न, बहलाना-फुसलाना, बाल तस्करी जैसे मामलों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

इसके साथ ही सोशल मीडिया के सही उपयोग के फायदे व नुकसान पर भी चर्चा की गई।

कार्यक्रम में बाल-विवाह व बाल-मजदूरी के कुप्रभावों पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों और कानूनी कार्रवाई के बारे में जागरूक किया गया। शिक्षा जगत के लिए यह संदेश दिया गया कि अध्यापक-शिक्षिकाएं बच्चों से हर छोटी-बड़ी बात पर खुलकर बातचीत करें ताकि बच्चे अपनी समस्याओं को बेझिझक साझा कर सकें।

अंत में यह आश्वासन भी दिया गया कि किसी भी संवेदनशील सूचना को देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतया गोपनीय रखी जाएगी। सूचनाकर्ता स्वयं भी कंट्रोल रूम को यह निर्देश दे सकता है कि उसकी पहचान सार्वजनिक न की जाए, जिसे चाइल्ड हेल्पलाइन द्वारा पूरी तरह से सख्ती से लागू किया जाता है।

इस महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम में कुल 28 अध्यापक-शिक्षिकाओं सहित 541 बच्चे उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित, सशक्त व सामाजिक रूप से जागरूक बनाना था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!