चुराह के कल्हेल में सरकारी भूमि से कसमल निकालने का विरोध, ग्रामीणों ने किया कड़ा ऐतराज

तीसा/ चुराह 18 दिसम्बर दिलीप सिंह ठाकुर
चंबा जिला के चुराह उपमंडल अंतर्गत कल्हेल क्षेत्र में सरकारी भूमि से कसमल निकालने को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बीते बरसात के मौसम में क्षेत्र में आई भीषण आपदा से कई लोगों की जान चली गई थी और हजारों घर क्षतिग्रस्त हुए थे, बावजूद इसके सरकार और संबंधित विभागों ने कोई सबक नहीं लिया। लोगों का आरोप है कि अब फिर से सरकारी भूमि से कसमल निकालकर प्राकृतिक आपदाओं को खुला न्योता दिया जा रहा है।ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकारी भूमि से कसमल निकालने की कोशिश की गई, तो इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। उनका कहना है कि नियमों के अनुसार केवल निजी भूमि से ही अधिकतम 40 प्रतिशत कसमल उखाड़ने की अनुमति है, जबकि निजी भूमि में इतनी मात्रा में कसमल उपलब्ध ही नहीं है। ऐसे में ठेकेदारों और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी भूमि को निशाना बनाया जा रहा है, जो पूरी तरह नियमों के खिलाफ है।लोगों का आरोप है कि चंद पैसों के लालच में पर्यावरण से खिलवाड़ किया जा रहा है।

कसमल उखाड़ने से पहाड़ों की पकड़ कमजोर होती है, जिससे भूस्खलन और बाढ़ जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पहले ही भारी नुकसान झेल चुके हैं और अब किसी भी सूरत में दोबारा ऐसी आपदा नहीं चाहते।इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमंडल अधिकारी चुराह राजेश कुमार जरयाल ने स्पष्ट किया है कि कसमल निकालने की अनुमति केवल निजी भूमि से ही दी जाती है। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति या ठेकेदार सरकारी भूमि से कसमल निकालता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।उधर, ग्रामीणों ने ऐलान किया है कि वे स्वयं रात के अंधेरे में भी कसमल की पहरेदारी करेंगे। कल्हेल क्षेत्र में जगह-जगह नाके लगाए जा रहे हैं ताकि किसी भी तरह से सरकारी भूमि से कसमल न निकाली जा सके। लोगों का कहना है कि यह लड़ाई पर्यावरण और भविष्य की सुरक्षा के लिए है, जिसे वे हर हाल में जारी रखेंगे।