कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिया आपदा सुरक्षा का संदेश

कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिया आपदा सुरक्षा का संदेश

चम्बा, 16 अक्तूबर मुकेश कुमार (गोल्डी)

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के साथ संबद्ध कलाकारों ने पुखरी और चम्बा चौगान नंबर-2 में नुक्कड़ नाटक व गीत-संगीत के माध्यम से लोगों को आपदाओं से सुरक्षा हेतु आवश्यक उपायों की जानकारी दी। नाट्य दलों ने सहज व मनोरंजक शैली में प्रस्तुतियों के माध्यम से जनसमुदाय को प्राकृतिक आपदाओं से बचाव और सतर्कता के महत्व से अवगत करवाया।

कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने भूकंप से जीवन रक्षा के उपायों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भूकंपीय झटके महसूस होने पर घबराएं नहीं, शांत रहें और सुरक्षित स्थान की तलाश करें। यदि घर के अंदर हों तो खिड़कियों, शीशे के दरवाजों तथा भारी वस्तुओं से दूरी बनाए रखें, जबकि बाहर होने की स्थिति में भवनों, वृक्षों, बिजली के खंभों और तारों से दूर रहें। साथ ही उन्होंने भूकंप के दौरान और भूकंप के बाद अपनाए जाने वाले सावधानीपूर्ण कदमों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

कलाकारों ने अग्निकांड से बचाव के उपाय भी साझा किए। उन्होंने बताया कि छोटी सी लापरवाही बड़ी आग का रूप ले सकती है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। आग लगने की स्थिति में स्वयं की रक्षा कैसे करें, आग संबंधी दुर्घटनाओं को रोकने और सुरक्षित रहने के लिए किन सावधानियों का पालन करें—इन सभी पहलुओं पर उन्होंने लोगों को जागरूक किया।

भूस्खलन जैसे प्राकृतिक खतरे पर भी नाट्य दलों ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भूगर्भीय हलचलों या अतिवृष्टि के कारण पहाड़ी ढलानों से चट्टानों और मिट्टी के खिसकने से भूस्खलन होता है, जिससे जान-माल और विकासात्मक कार्यों को भारी नुकसान पहुंचता है। कलाकारों ने ऐसे हालात में सतर्क और तैयार रहने का संदेश दिया।

अंत में नाट्य दलों ने बताया कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।

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