देशभर में 215 दवाएं फेल, हिमाचल की 71 दवाएं गुणवत्ता जांच में असफल

शिमला 24 फरवरी चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
जनवरी माह के ड्रग अलर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। देशभर में विभिन्न दवा कंपनियों के कुल 215 सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इनमें से 71 दवाएं हिमाचल प्रदेश में निर्मित पाई गई हैं। इस खुलासे के बाद राज्य के फार्मा उद्योग और संबंधित कंपनियों में हड़कंप मच गया है।राज्य ड्रग विभाग द्वारा की गई जांच में पांवटा साहिब, कालाअंब, सोलन, ऊना और परवाणू में तैयार की गई कई दवाएं परीक्षण में असफल रही हैं। इन दवाओं में खांसी-जुकाम, उच्च रक्तचाप, पेट संक्रमण, फंगल संक्रमण, बुखार और मधुमेह से संबंधित दवाएं शामिल हैं। राज्य प्रयोगशाला द्वारा देशभर से लिए गए 147 सैंपलों में से 51 सैंपल हिमाचल प्रदेश के फेल पाए गए।

वहीं, Central Drugs Standard Control Organization (सीडीएसओ) की ओर से लिए गए सैंपलों में देश के 68 और हिमाचल के 20 सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। जांच में बद्दी, कालूझिंडा, झाड़माजरी, बरोटीवाला, नालागढ़, मानपुरा, लोदीमाजरा, मोगीनंद, खैरी, सुबाथू और सोलन के लोहारन क्षेत्र की कई कंपनियों की दवाएं असफल पाई गई हैं। इनमें कफ सिरप, कैल्शियम, आयरन, एंब्रोक्सोल, ब्लड प्रेशर, अल्सर, अस्थमा, संक्रमण और दर्द निवारक दवाएं शामिल हैं।सीडीएसओ की रिपोर्ट में झाड़माजरी, कालाअंब, बद्दी, पांवटा और परवाणू की दवा इकाइयों के सैंपल भी फेल बताए गए हैं, जिनमें हड्डी व दांतों की मजबूती, एसिडिटी, उल्टी, फंगल संक्रमण और उच्च रक्तचाप की दवाएं शामिल हैं।

राज्य ड्रग कंट्रोलर डॉ. मनीष कपूर ने बताया कि जिन कंपनियों के सैंपल फेल हुए हैं, उनके खिलाफ ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर बाजार से स्टॉक वापस मंगवाने और दोबारा जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।