प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से पारंपरिक कारीगर होंगे आत्मनिर्भर :- उपायुक्त मुकेश रेपसवाल

चम्बा, 17 दिसम्बर मुकेश कुमार (गोल्डी)
उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। योजना से जुड़े कारीगरों और शिल्पकारों को इसका अधिकतम लाभ उठाकर अपनी आजीविका को सुदृढ़ बनाना चाहिए। उपायुक्त आज सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए आयोजित एक दिवसीय उद्यमिता एवं विपणन सहायता विषयक जागरूकता कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे।उपायुक्त ने योजना से जुड़े सभी लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि किसी भी सरकारी योजना का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होता है, जब पात्र व्यक्ति उसमें सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। उन्होंने एमएसएमई विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सोलन में कार्यालय होने के बावजूद विभाग द्वारा प्रदेश के दूरस्थ जिलों तक पहुंच बनाकर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं,

जिससे योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का मुख्य उद्देश्य परंपरागत कला एवं हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों को उनकी पुश्तैनी कला के माध्यम से सतत आजीविका प्रदान करना है। आधुनिक समय में मशीनों के बढ़ते उपयोग से पारंपरिक हस्तकला प्रभावित हुई है, ऐसे में यह योजना इन कलाओं के संरक्षण के साथ-साथ उन्हें आधुनिक बाजार से जोड़ने का कार्य कर रही है।उपायुक्त ने कहा कि चम्बा की पहचान इसकी समृद्ध शिल्प परंपरा है, जिसमें लकड़ी, पत्थर व धातु शिल्प, चम्बा रूमाल, पारंपरिक चप्पलें सहित अन्य हस्तशिल्प शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिला चम्बा से लगभग 1450 कारीगर इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत हैं, जबकि आगे और भी व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को एक लाख रुपये तक का बिना गारंटी ऋण मात्र 5 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवाया जा रहा है, जिससे वे आधुनिक उपकरण खरीदकर अपने कार्य को लघु उद्यम के रूप में विकसित कर सकते हैं। कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष नीलम नैय्यर, अग्रणी बैंक प्रबंधक डी.सी. चौहान, महाप्रबंधक उद्योग गुलाब सिंह सहित एमएसएमई विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।