मानवता की मिसाल: बट्ट परिवार ने मणिमहेश यात्रियों को दिया सहारा, 700 से अधिक श्रद्धालुओं को मिला आश्रय

मानवता की मिसाल: बट्ट परिवार ने मणिमहेश यात्रियों को दिया सहारा, 700 से अधिक श्रद्धालुओं को मिला आश्रय

चंबा, 02 सितंबर मुकेश कुमार (गोल्डी)

बट्ट नर्सिंग कॉलेज एवं आईटीआई संस्थान इन दिनों मणिमहेश यात्रियों के लिए राहत केंद्र बने हुए हैं। इस संस्थान का संचालन करने वाला बट्ट परिवार आपदा के पहले दिन से ही सेवा कार्यों में जुटा हुआ है।संस्थान के चेयरमैन परवेज अली बट्ट और उनके भाई, संस्थान के निदेशक एवं हिमाचल प्रदेश हज कमेटी के पूर्व चेयरमैन दिलदार अली बट्ट ने अपने संस्थान के दरवाजे यात्रियों के लिए खोल दिए। करीब 10 दिनों से यह परिवार दिन-रात यात्रियों को आश्रय और भोजन की सुविधा उपलब्ध करवा रहा है। अब तक 700 से अधिक मणिमहेश यात्रियों को यहां ठहरने के साथ-साथ खाने-पीने की व्यवस्था की गई है।खास बात यह है कि इस सेवा कार्य में केवल दोनों भाई ही नहीं, बल्कि उनके परिवार की महिलाएं और बच्चे भी सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।

वे यात्रियों को न केवल उचित आश्रय प्रदान कर रहे हैं, बल्कि उनके भोजन, पानी और अन्य बुनियादी जरूरतों का भी पूरा ख्याल रख रहे हैं। यात्रियों ने बट्ट परिवार की इस निस्वार्थ सेवा की जमकर सराहना की है।बट्ट परिवार का यह मानवीय कदम न केवल आपदा की घड़ी में राहत का बड़ा सहारा साबित हुआ है, बल्कि जिले में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल भी पेश कर रहा है। इस सेवा भाव ने यह साबित कर दिया है कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।परवेज अली बट्ट और दिलदार अली बट्ट ने कहा कि सभी धर्म आपसी भाईचारे और इंसानियत का संदेश देते हैं। उन्होंने अपील की कि आपदा जैसी परिस्थितियों में समाज के हर व्यक्ति को एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आना चाहिए।इस सराहनीय पहल ने न केवल मणिमहेश यात्रियों की मुश्किलें आसान की हैं, बल्कि चंबा में सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकजुटता को भी और मजबूत किया है।

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