इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना: जरूरतमंद बच्चों का संवर रहा भविष्य

इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना: जरूरतमंद बच्चों का संवर रहा भविष्य

हिमाचल सरकार की पहल से विधवा, तलाकशुदा और दिव्यांग अभिभावकों के बच्चों को सहायता

चंबा 30 मार्च मुकेश कुमार (गोल्डी)

चंबा ज़िले में ‘इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना’ का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को राहत मिल रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के लिए प्रयासरत है। इस योजना के तहत विधवा, तलाकशुदा, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांग अभिभावकों के बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

योजना के लाभ:

  • 18 वर्ष से कम आयु के पात्र बच्चों को प्रति माह ₹1,000 की आर्थिक सहायता।
  • 18 से 27 वर्ष तक के विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश के राजकीय संस्थानों में नि:शुल्क डिग्री, डिप्लोमा व व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की सुविधा।
  • हॉस्टल सुविधा न मिलने पर छात्रों को ₹3,000 प्रतिमाह पीजी शुल्क सहायता।

पात्रता एवं आवश्यक दस्तावेज:

  • हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य।
  • वार्षिक आय ₹1 लाख से कम होनी चाहिए।
  • आवश्यक दस्तावेज: पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र, अभिभावक का विकलांगता प्रमाणपत्र, तलाक प्रमाणपत्र, हिमाचली प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, आयु प्रमाणपत्र, परिवार नकल आदि।

संपर्क अधिकारी: पात्र आवेदक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर, बाल विकास परियोजना अधिकारी या जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

चंबा ज़िले में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन: बाल विकास अधिकारी कमल किशोर शर्मा के अनुसार, चंबा ज़िले में योजना के तहत 1,043 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं और 700 मामले प्रक्रियाधीन हैं। इस पहल से जरूरतमंद बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो रहा है।

यह संशोधित समाचार लेख अधिक प्रभावी और संक्षिप्त है, जो योजना के महत्वपूर्ण बिंदुओं को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करता है। यदि आप इसमें कोई और सुधार या संशोधन चाहते हैं, तो कृपया बताएं!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!