प्रतिबंधित सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर प्रभावी रोकथाम के निर्देश, स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा प्रोत्साहन

चंबा, 03 मई मुकेश कुमार (गोल्डी)
जिला चंबा में प्रतिबंधित सिंगल यूज़ प्लास्टिक वस्तुओं की रोकथाम को लेकर उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने निगरानी प्रणाली को सशक्त बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वे नियमों के उल्लंघन पर ठोस कार्यवाही करें और साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें।बचत भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने एसडीएम को उपमंडल स्तर पर नियमित समीक्षा करने और उप-मंडलीय पुलिस अधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों, नगर परिषद और नगर पंचायत के अधिकारियों को स्थानीय व्यापार मंडल के साथ समन्वय बैठकों के आयोजन के निर्देश दिए।

उपायुक्त ने जिला विकास अधिकारी को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कपड़े के बैग तैयार करने के लिए प्रोत्साहन देने को कहा, ताकि प्लास्टिक बैग का वैकल्पिक विकल्प बढ़ाया जा सके। साथ ही उन्होंने विभागीय अधिकारियों को जागरूकता और जानकारी से संबंधित गतिविधियों को भी सक्रिय रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए।सार्वजनिक परिवहन जैसे टैक्सी, बस आदि में कूड़ादान से एकत्र कचरे के लिए उचित संग्रहण एवं निस्तारण व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में उच्च न्यायालय के अतिक्रमण से संबंधित आदेशों पर अनुपालना के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।

बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी, एसडीएम, वन मंडल अधिकारी, पुलिस उपअधीक्षक, जिला विकास अधिकारी सहित कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।गौरतलब है कि प्लास्टिक कैरी बैग, कटलरी, स्ट्रा, स्टिरर, 100 माइक्रोन से कम मोटाई के पीवीसी बैनर आदि वस्तुएं पूर्ण रूप से प्रतिबंधित हैं। उल्लंघन पर 500 से 25,000 रुपये तक की कंपाउंडिंग फीस और सार्वजनिक स्थानों पर प्लास्टिक फेंकने पर 5,000 रुपये का जुर्माना निर्धारित है।