भरमौर की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक खनी पंचायत का पत्रोंदु मेला धूमधाम से शुरू

भरमौर/चम्बा 18 अगस्त मुकेश कुमार (गोल्डी)
भरमौर एवं मणिमहेश की प्रवेश द्वार कही जाने वाली ग्राम पंचायत खनी में पारंपरिक पत्रोंदु मेला बड़े हर्षोल्लास के साथ आरंभ हुआ। इस अवसर पर पंचायत के विभिन्न गांवों से युवक-युवतियां अपनी प्राचीन भेषभूषा में सजधज कर एकत्र हुए और सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर संस्कृति का रंगारंग प्रदर्शन किया।मेला कमेटी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मेला न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकजुटता का प्रतीक भी है।

मेला कमेटी के अध्यक्ष ललित ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि मेले हमारी परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कभी आधुनिकता की दौड़ में खोती जा रही गद्दी संस्कृति को आज की युवा पीढ़ी ने नए जीवन से संजीवनी दी है। उन्होंने बताया कि जिस संस्कृति का कभी निचले क्षेत्रों में मजाक उड़ाया जाता था, आज उसी गद्दी संस्कृति के गीत पूरे प्रदेश ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों तक में गूंज रहे हैं।उन्होंने कहा कि पहले लोग गद्दी भेषभूषा पहनने से संकोच करते थे, लेकिन आज यह इतनी लोकप्रिय हो चुकी है कि चोला-डोरा, लुआंचड़ी, चिड़ी, चंद्रहार जैसे परिधान और आभूषण हर वर्ग के लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।

इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हुए उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि आधुनिक जीवनशैली अपनाते हुए भी अपनी पुरानी संस्कृति और भेषभूषा को वैश्विक पहचान दिलाने में योगदान दें।कार्यक्रम में इंदौर ठाकुर, शिव कुमार ठाकुर, शाम सिंह, रोशन लाल, गोपाल ठाकुर, रेखा ठाकुर, संजय कुमार सहित अनेक स्थानीय लोग शामिल रहे। पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर किए गए सामूहिक नृत्य ने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया।
