अध्यापक संघ चंबा का संशोधित वेतन नियम 7-A के विलोप पर कड़ा विरोध, सरकार से वापसी की मांग

डलहौजी/चंबा, 7 सितम्बर मुकेश कुमार गोल्डी
हिमाचल प्रदेश राज्य राजकीय अध्यापक संघ, चंबा ने सरकार द्वारा वर्ष 2022 में संशोधित किए गए वेतन नियम 7-A के विलोप का कड़ा विरोध जताया है। यह संशोधन 3 जनवरी 2022 से लागू किया गया था, लेकिन हाल ही में जारी अधिसूचना के माध्यम से 6 सितंबर 2025 को इसे समाप्त कर दिया गया है।संघ के जिला प्रधान हरिप्रसाद शर्मा, महासचिव सतेंद्र राणा, वित्त सचिव विशाल शर्मा, राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा, उपाध्यक्ष चंद्र मोहन सहित अन्य जिला व खंड कार्यकारिणी सदस्यों ने बताया कि इस कदम से टीजीटी, सीनियर विस्टा अध्यापक, प्रवक्ता सहित अन्य अध्यापक वर्ग पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।उन्होंने कहा कि पहले से ही सरकार ने पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशों को पूर्ण रूप से लागू नहीं किया था, वहीं अब 7-A नियम को हटाकर अध्यापक साथियों के वेतनमान में भारी गिरावट आ जाएगी। इसके अतिरिक्त, 4-9-14 A.C.P को सीमित कर इसे पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। साथ ही डी.ए. और नए पे स्केल के एरियर भी अध्यापकों को अभी तक नहीं दिए गए हैं।संघ के प्रधान हरिप्रसाद शर्मा ने इस निर्णय की तीव्र निंदा करते हुए इसे अन्यायपूर्ण व भेदभावपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार व अन्य राज्यों में कर्मचारियों को नियमित रूप से वेतन व अन्य लाभ मिल रहे हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश में अध्यापक साथियों के साथ यह अन्याय किया जा रहा है।अध्यापक संघ ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस अधिसूचना पर पुनर्विचार किया जाए और इसे तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए ताकि राज्य के अध्यापक साथियों को आर्थिक व मानसिक रूप से कोई परेशानी न हो।संघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उचित कदम नहीं उठाए तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, ताकि अध्यापक वर्ग के अधिकार सुरक्षित हो सकें।