मक्की की फसल में फॉल आर्मी वर्म की रोकथाम हेतु एडवाइजरी जारी
किसानों को खेत की नियमित निगरानी और सटीक छिड़काव की सलाह

चंबा,14 जुलाई मुकेश कुमार(गोल्डी)
कृषि विज्ञान केंद्र चंबा द्वारा मक्की की फसल में फॉल आर्मी वर्म (Fall Armyworm) से बचाव एवं प्रबंधन को लेकर किसानों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की गई है। केंद्र के प्रभारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि इस कीट के लार्वा फसल को अत्यधिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। प्रारंभिक लक्षणों में मक्की की पत्तियों पर अनियमित छेद और अपशिष्ट का जमाव देखा जा सकता है। इसके अंडे भूरे रंग के और बालों से ढके होते हैं, जिससे इनकी पहचान संभव है।
फॉल आर्मी वर्म की रोकथाम हेतु जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जिसमें कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टीम जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर किसानों को कीट नियंत्रण के उपायों की जानकारी प्रदान कर रही है।

कीटनाशकों का छिड़काव:
– क्लोरेंट्रानिलिप्रोएल 18.5 एससी (कोराजेन) – 0.4 मिली/लीटर
– स्पिनटोरम 11.7 एससी (डेलीगेट) – 0.5 मिली/लीटर
– एमामेक्टिन बेंजोएट 5 एसजी (मिसाइल) – 0.4 ग्राम/लीटर
20 दिन पुरानी फसल के लिए 120 लीटर और इससे अधिक उम्र की फसल के लिए 200 लीटर पानी प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें।
अन्य सुझाव:
– फसल की बुवाई निर्धारित समय पर कतारों में करें।
– खेत की नियमित निगरानी कर अंडों को नष्ट करें।
– 40 दिन से अधिक पुरानी फसल में मिट्टी में कीटनाशक या जैव कीटनाशक मिलाकर पौधों की जड़ों पर डालें।
