जयराम ठाकुर ने चंबा से भरमौर तकआपदा प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, राहत कार्यों को लेकर जताई चिंता

चंबा/भरमौर 12 सितंबर मुकेश कुमार (गोल्डी)
हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मणिमहेश यात्रा मार्ग पर आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने भरमौर विधानसभा क्षेत्र के हड़सर व धन्छो सहित लिल्ह क्षेत्र में जाकर आपदा प्रभावित परिवारों से हाल-चाल जाना। इस दौरान उन्होंने बताया कि चंबा जिले में भारी बारिश के चलते व्यापक तबाही हुई है। सड़कों का बह जाना, बिजली और पानी की आपूर्ति में बाधाएं, क्षतिग्रस्त मकान, बहते खेत, नष्ट बाग–बगीचे और लैंड स्लाइडिंग ने क्षेत्रवासियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।जयराम ठाकुर ने कहा कि मौजूदा अस्थायी व्यवस्थाओं के बजाय स्थायी ढांचे का निर्माण अत्यंत आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं का प्रभाव कम हो।

उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए अधिक से अधिक मुआवजा मिलने की मांग की और सरकार से विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भारतीय जनता पार्टी इस कठिन समय में हर संभव मदद के लिए प्रभावितों के साथ खड़ी है।इस मौके पर उन्होंने भरमौर विधानसभा क्षेत्र के लिल्ह क्षेत्र में जाकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों की आर्थिक चुनौतियाँ अन्य क्षेत्रों से भिन्न हैं, इसलिए राहत व पुनर्वास योजनाओं में उदारता बरती जाए। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई आर्थिक सहायता हर प्रभावित तक पहुंचाने का भरोसा भी व्यक्त किया।जयराम ठाकुर ने चंबा यात्रा के दौरान उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक सहित प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। इ

समें उन्होंने राहत और पुनर्वास कार्यों की प्रगति पर चर्चा की। अधिकारियों से फीडबैक लेकर उन्होंने राहत कार्यों को और प्रभावी व तेज़ बनाने के लिए जरूरी सुझाव दिए। उनका कहना था कि चंबा के दुर्गम व ऊंचाई वाले क्षेत्रों में विशेष ध्यान देना आवश्यक है, क्योंकि वहां जल्द बर्फबारी हो जाती है। अतः राहत कार्य युद्ध स्तर पर किए जाएं ताकि प्रभावितों को शीघ्र सहायता मिल सके।यात्रा के दौरान जयराम ठाकुर ने चौरासी मंदिर में शीश नवाया और प्रदेश की सुख-समृद्धि व सुरक्षा के लिए देवी-देवताओं से प्रार्थना की। उनके साथ भरमौर के विधायक डॉ जनक राज व भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेता व पदाधिकारी भी मौजूद रहे।