नशीली दवाओं की अवैध तस्करी मामले में दोषी को 5 वर्ष का कठोर कारावास

चंबा 28 मार्च मुकेश कुमार ( गोल्डी)
विशेष न्यायाधीश एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश जसवंत सिंह की अदालत ने नशीली दवाओं की अवैध तस्करी के मामले में दोषी पाए गए संजय तोमर (पुत्र श्याम वीर तोमर, निवासी गांव मानपुरा, जिला एटा, उत्तर प्रदेश) को ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने दोषी पर 1 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।अभियोजन पक्ष की पैरवी कर रहे उप जिला न्यायवादी चंबा, अनिल शर्मा ने बताया कि यह मामला 5 मार्च 2018 का है, जब पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर उदयपुर गांव स्थित संजय तोमर के क्वार्टर में छापा मारा था। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस को वहां से विभिन्न प्रकार की प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बड़ी खेप बरामद हुई थी। जब पुलिस ने संजय तोमर से इन दवाओं की खरीद-फरोख्त से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, तो वह कोई परमिट या लाइसेंस पेश नहीं कर सका।

इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।जांच के दौरान पुलिस ने संजय तोमर की संलिप्तता को प्रमाणित करने के लिए सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और उचित दस्तावेजों के साथ चालान अदालत में दायर कर दिया। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 15 गवाहों को पेश किया, जिन्होंने आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए। बचाव पक्ष की दलीलों को खारिज करते हुए अदालत ने संजय तोमर को दोषी करार दिया और उसे 5 साल के कठोर कारावास तथा 1.20 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।यदि दोषी द्वारा जुर्माने की राशि अदा नहीं की जाती, तो उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस फैसले से अदालत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नशीली दवाओं की अवैध बिक्री और तस्करी के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।